इलाहाबाद यूनिवर्सिटी: क्लासरूम में घुस कर छात्र को गोली मारने वाला सरदार सिंह गिरफ्तार
इलाहाबाद। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में क्लास के अंदर घुसकर एमए के छात्र नागेंद्र को गोली मारने वाला सरदार सिंह गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मीडिया के सामने सरदार सिंह को पेश किया और घटना के कारण समेत उसके पूरे प्लान को बताया। सरदार सिंह इलाहाबाद में छिपा हुआ था और कहीं भागने की फिराक में था कि उसे पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मजार तिराहा के पास से दबोच लिया गया। पुलिस ने सरदार सिंह के पास से वह पिस्टल भी बरामद कर ली है जिससे उसने नागेंद्र को गोली मारी थी, जबकि दो जिंदा कारतूस भी सरदार सिंह के पास से मिली है। सरदार के खिलाफ कर्नलगंज थाने में पहले से ही 6 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके पिता अंबिका सिंह मुम्बई आरपीएफ में दीवान हैं।

क्या बोला सरदार सिंह
पुलिस के अनुसार सरदार ने बताया है कि 2011 में नागेन्द्र सिंह ने उसके खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके चलते वह तीन महीने जेल में बंद रहा। जमानत पर जब बाहर आया तो हर कोई उसकी हंसी उड़ाता, लेकिन 2014 में फिर नागेन्द्र से विवाद बाद हिन्दू हॉस्टल से उसका सामान निकालकर बाहर फेंक दिया गया और उसकी बेइज्जती की गई इसी का बदला उसे लेना था।

बच गया नागेंद्र का दोस्त गुडलक
आरओ की परीक्षा देने के लिए जिस दिन सरदार इलाहाबाद आया तो हॉस्टल के लोगों ने बताया कि नागेंद्र व उसका साथी गुडलक आए दिन पुरानी बात को लेकर उसका मजाक बनाते हैं। इससे सरदार सिंह तमतमा उठा और हॉस्टल के पोर्टिको में रखा तमंचा निकाल कर सीधे फिलॉस्फी डिपार्टमेंट में पहुंचा और गोली मारने के बाद केपीयूसी हास्टल पहुंचा। वहां नागेंद्र के दोस्त गुडलक की भी उसने तलाश की लेकिन वह नही मिला नहीं तो सरदार उसे भी गोली मारता।

क्या था मामला
इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में बीते गुरुवार को क्लास के अंदर एमए. के छात्र नागेंद्र सिंह उर्फ गोलू को सरदार सिंह ने गोली मार दी थी। इसके बाद से सरदार सिंह फरार था और उसकी तलाश में पुलिस जुटी थी। फिलहाल सरदार सिंह गिरफ्तार कर लिया गया है और नागेंद्र सिंह को गोली मारने का कारण भी साफ हो चुका है।
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