Pakistan: क्या एक और जंग चाहता है पाकिस्तान? शहबाज शरीफ ने फिर दी घटिया हरकत, विदेश मंत्रालय हुआ आगबबूला
Pakistan के प्रधानमंत्री शहबाज अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर में मार खाने के बावजूद फिर से भारत से उलझने का मन बना रहे हैं। इसी कड़ी में Shehbaz Sharif ने एक बार फिर भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान दिया है।
दरअसल शरीफ की हालिया चीन यात्रा के बाद जारी ज्वॉइंट स्टेटमेंट और फिर उनके ईद-उल-अजहा मैसेज में जम्मू-कश्मीर का जिक्र होने पर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। चीन और पाकिस्तान के साझा बयान में जम्मू-कश्मीर को "इतिहास का लंबित मुद्दा" बताया गया, जिसके बाद यह मामला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा में आ गया है। भारत ने साफ कहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उसके अभिन्न हिस्से हैं और किसी दूसरे देश को इस पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।

क्या बोले थे शरीफ?
Shehbaz Sharif की चीन यात्रा खत्म होने के बाद दोनों देशों की तरफ से एक साझा बयान जारी किया गया। इस बयान में कहा गया कि जम्मू-कश्मीर विवाद इतिहास से जुड़ा एक लंबित मुद्दा है और इसका समाधान शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए।
बयान में यह भी कहा गया कि इस मुद्दे का समाधान संयुक्त राष्ट्र यानी UN चार्टर, UN सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों के अनुसार किया जाना चाहिए। साथ ही यह भी बताया गया कि पाकिस्तानी पक्ष ने चीन को जम्मू-कश्मीर की "ताजा स्थिति" के बारे में जानकारी दी।
ईद मैसेज में चिंगारी लगाने का काम
बयान के एक दिन बाद, 26 मई 2026 को Shehbaz Sharif ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ईद-उल-अजहा का मैसेज पोस्ट किया। इस संदेश में उन्होंने पाकिस्तान और पूरी मुस्लिम उम्माह को बधाई दी। अपने पोस्ट में शरीफ ने लिखा कि-
"पाकिस्तान फिलिस्तीन और भारतीय अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में रहने वाले लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। उनके इस बयान के बाद भारत ने और ज्यादा सख्त प्रतिक्रिया दी।"भारत ने लगाई फटकार
भारत ने 27 मई 2026 को चीन और पाकिस्तान के इस संयुक्त बयान की कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि भारत जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए गए अनुचित संदर्भों को पूरी तरह खारिज करता है। उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति पहले से स्पष्ट है और सभी संबंधित देशों को इसके बारे में अच्छी तरह पता है।
भारत ने दोहराया अपना रुख
Randhir Jaiswal ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से थे, हैं और हमेशा रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि किसी दूसरे देश के पास इस मामले पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
भारत लंबे समय से यह कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर उसका आंतरिक मामला है और किसी तीसरे देश की इसमें कोई भूमिका नहीं हो सकती। ऐसे में चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान को भारत ने अपनी संप्रभुता के खिलाफ माना है।
UN प्रस्ताव और पुराना विवाद फिर चर्चा में
चीन-पाकिस्तान के बयान में UN सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का जिक्र होने के बाद यह मुद्दा फिर अंतरराष्ट्रीय बहस में आ गया है। पाकिस्तान लंबे समय से कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है, जबकि भारत लगातार इसे द्विपक्षीय और आंतरिक मामला बताता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन और पाकिस्तान का यह बयान दक्षिण एशिया की कूटनीति और क्षेत्रीय राजनीति में नए तनाव का संकेत दे सकता है। साथ ही शरीफ का ये बयान आने वाले दिनों में तनाव बढ़ा सकता है।
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