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PHOTOS: जमीं पर ही नहीं हवा और पानी में​ दिखेंगे प्रयाग-कुंभ के रंग, तैयार हुईं ऐसी लाजवाब पेंटिंग्स

इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश में जनवरी से मार्च तक प्रयागराज फिर कुंभ-नगरी हो जाएगा। कुंभ की तैयारी में प्रदेश सरकार की ओर जहां 'चलो कुंभ चलो' अभियान चलेगा, वहीं भारी संख्या में चित्रका​री के उत्कृष्ट नमूने भी तैयार होने लगे हैं। इलाहाबाद को साहित्यिक, धार्मिक और ऐतिहासिक रंग में रंगा जा रहा है। जो दृश्य अभी देखने को मिल रहे हैं, उनसे लगता है कि विश्व के इस सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में इस बार बहुत कुछ खास होगा। जमीन ही नहीं बल्कि, हवा और पानी में भी धर्म, संस्कृति और साहित्य की महक आएगी, नजारे मन माहेंगे।

6 लाख गांव शहरों के साथ विदेश से भी पहुंचेंगे श्रृद्धालु

6 लाख गांव शहरों के साथ विदेश से भी पहुंचेंगे श्रृद्धालु

इस बार योगी सरकार की अगुवाई में यहां करीब 6 लाख गांव-शहरों और विदेशों से भी श्रृद्धालुओं को बुलाने की योजना है। इसके लिए 'चलो कुंभ चलो' अभियान शुरु होगा, साथ ही मेला स्थल पर 192 देशों के झंडे भी लगाए जाएंगे।

2013 के मुकाबले 3 गुना होगा खर्च

2013 के मुकाबले 3 गुना होगा खर्च

बताया जा रहा है कि इस कुंभ मेले वर्ष 2013 के मुकाबले 3 गुना ज्यादा खर्च आएगा। 2013 में सरकार द्वारा 1300 करोड़ रुपए कुंभ के लिए दिए गए थे, जिसमें अखिलेश सरकार को केंद्र की यूपीए सरकार ने अपने हिस्से के रूप में 341 करोड़ रुपए दिए थे। उसके अलावा 800 करोड़ का स्पेशल पैकेज और मिला था। इस पूरी रकम में से 1017 करोड़ रुपए तब खर्च हो गए थे। वहीं, योगी सरकार ने इस बार 4200 करोड़ रुपए की बात कही है, जिसमें 2200 करोड़ रुपए केंद्र सरकार से लिए जाएंगे।

3000 करोड़ परियोजनाओं पर होंगे खर्च

3000 करोड़ परियोजनाओं पर होंगे खर्च

सरकार की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, कुल 4200 करोड़ रुपए में से करीब 3000 करोड़ रुपए इलाहाबाद शहर में स्थायी परियोजनाओं पर खर्च होंगे। जबकि, जबकि बाकी रकम मेले में खर्च होगी।

 ‘पेंट माय सिटी' योजना

‘पेंट माय सिटी' योजना

कुंभ मेले को विश्वव्यापी और अत्यधिक सुंदर बनाने के लिए इस बार ‘पेंट माय सिटी' नाम की योजना का सहारा लिया जा रहा है। इसके तहत कुम्भ से जुड़े कथानकों के साथ ही शहर की पहचान रह चुकी हस्तियों और उनकी कृतियों को भी भित्ति चित्रों के जरिए लोगों तक पहुंचाया जाएगा। इलाहाबाद में सभी प्रवेश द्वारों से लेकर चौराहों और सभी महत्वपूर्ण स्थलों की दीवारों पर पेंटिंग्स बनाई जा रही हैं।

यहां भी नजर आ रहीं पेंटिंग्स

यहां भी नजर आ रहीं पेंटिंग्स

यह पेंटिंग्स नावों, शहर की गलियों के अलावा मेला क्षेत्र में गुब्बारों पर भी दिखने लगी हैं। रेलवे स्टेशन भी सजाया जा रहा है। पहली बार में नजर आने वाली दीवारें यहीं के धार्मिक, ऐतिहासिक और साहित्यिक गौरव भरी चित्रों से सजी हैं। इसके लिए कई प्राइवेट कंपनियों जिम्मेदारी दी गई। बताया जा रहा है कि इस योजना के पहले चरण के लिए 3 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया था।

अटल समेत इन हस्तियों की पेंटिंग्स दमक रहीं

अटल समेत इन हस्तियों की पेंटिंग्स दमक रहीं

जिन हस्तियों तस्वीरें और कृतियों की चित्र इलाहाबाद भर में नजर आ रहे हैं, उनमें भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई, हरिवंशराय बच्चन, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, फिराक गोरखपुरी, सुमित्रानंदन पंत, महादेवी वर्मा, चंद्रशेखर आजाद, मदन मोहन मालवीय, शहीद लाल पद्मधर आदि शामिल हैं। कुछ पेंटिंग्स अभी बन रही हैं।

वैचारिक सेमिनार भी आयोजित होंगे

वैचारिक सेमिनार भी आयोजित होंगे

प्रयागराज में बड़े आयोजन के अलावा अयोध्या, वाराणसी, लखनऊ, मथुरा में भी कुंभ को लेकर वैचारिक सेमिनार लगेंगे। वहीं, कुम्भ मेलाधिकारी विजय किरण आनंद के अनुसार, पेंटिंग्स के लिए प्रफेशनल चित्रकारों की मदद ली गई है, तो सेमिनार्स के लिए राज्य सरकार ने कई आयोजकों को ठेका दिया है। कुल मिलाकर इस बार के कुंभ का जवाब नहीं होगा, यह विश्वव्यापी होगा।

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