दबाव में निखरना और कोच का जादू, कैसे गुजरात टाइटंस बनी IPL की सबसे खतरनाक टीम
IPL 2026: गुजरात टाइटंस आईपीएल इतिहास की सबसे निरंतर प्रदर्शन करने वाली टीमों में से एक रही है। साल 2022 में अपने डेब्यू सीजन से ही इस टीम ने लीग में अपना दबदबा बनाया। ज्यादातर टीमें बड़े स्टार्स और आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर मैदान में उतरती हैं, लेकिन गुजरात ने एक अलग रणनीति अपनाई। उन्होंने व्यक्तिगत प्रदर्शन के बजाय टीम संतुलन और साधारण तरीकों को तरजीह दी, जो उनकी सफलता की मुख्य वजह बना। महज पांच सालों में गुजरात ने चार बार प्लेऑफ़ में जगह बना ली।
इस टीम की सबसे बड़ी ताकत इसकी गेंदबाजी रही है। गुजरात ने हमेशा पावरप्ले में विकेट निकालने और विपक्षी टीम पर दबाव बनाने को प्राथमिकता दी। राशिद खान जैसे विश्व स्तरीय स्पिनर ने बीच के ओवरों में रनों की गति पर अंकुश लगाने और अहम मौके पर विकेट चटकाने का काम बखूबी किया। यही वजह है कि मुश्किल पिचों पर भी टीम के गेंदबाजों ने विरोधी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

दबाव में बिखरने के बजाय निखरने का हुनर
मैच के दबाव को संभालने की कला ने गुजरात टाइटंस को लीग की सबसे खतरनाक टीम बनाया। लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम ने कई बार ऐसी परिस्थितियों से मैच जीते जहां से जीतना नामुमकिन लग रहा था। डेविड मिलर और राहुल तेवतिया जैसे खिलाड़ियों ने अंतिम ओवरों में ठंडे दिमाग से बल्लेबाजी करते हुए टीम को कई यादगार जीत दिलाईं। टीम का मैनेजमेंट मैच के नतीजों से अलग हटकर खिलाड़ियों को शांत रखने में विश्वास करता है, जिससे टीम लगातार हार के दबाव से बची रहती है।
आशीष नेहरा का मार्गदर्शन और नेतृत्व में निरंतरता
कप्तान और कोचिंग स्टाफ के बीच का तालमेल इस फ्रेंचाइजी की एक और बड़ी खूबी है। मुख्य कोच आशीष नेहरा का रवैया खिलाड़ियों को मैदान पर खुलकर फैसले लेने की आजादी देता है। नेहरा मैच के दौरान भी पूरी तरह से एक्टिव रहते हैं। हार्दिक पांड्या के जाने के बाद शुभमन गिल ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली और टीम की संस्कृति को बनाए रखा। इसके साथ ही साई सुदर्शन जैसे युवा भारतीय बल्लेबाजों को सही समय पर प्रमोट करना और जोश बटलर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को साफ भूमिका देना टीम मैनेजमेंट की सूझबूझ को दर्शाता है।
ठोस रणनीति और भविष्य की राह
इसी रणनीति और योजनाबद्ध तरीके से काम करने की वजह से गुजरात टाइटंस ने शुरुआत से ही अपनी निरंतरता बरकरार रखी है। चाहे वो शुरुआती ओवरों में विकेट चटकाना हो या आखिरी गेंदों पर मैच फिनिश करना, इस टीम ने हर विभाग में खुद को साबित किया है। यही कारण है कि यह टीम हर सीजन में खिताब की प्रबल दावेदार बनकर उभरती है। इस बार भी गुजरात को टाइटल जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।












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