Akhilesh Yadav: योगी सरकार के 8 साल, अखिलेश यादव बोले- अपराध और बेरोजगारी में नंबर वन हुआ यूपी!
Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने कार्यकाल के 8 साल पूरे होने पर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास कार्यों को लेकर अपनी सरकार को सफल बताया। लेकिन समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे झूठा प्रचार करार देते हुए राज्य की बदहाल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने कहा कि जिस वक्त मुख्यमंत्री अपने 8 साल के कार्यकाल की उपलब्धियां बता रहे थे, उसी दौरान लखनऊ में एक महिला से लूट, रेप और हत्या का मामला सामने आया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार "जीरो टॉलरेंस" की बात करती है, लेकिन असलियत यह है कि उत्तर प्रदेश में महिलाएं सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं।

सीएम योगी की उपलब्धियों पर अखिलेश का तंज
मुख्यमंत्री योगी ने अपने 8 साल के रिपोर्ट कार्ड में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की सख्ती की बात कही थी। उन्होंने बताया कि यूपी में अपराधों पर लगाम लगाने के लिए एनकाउंटर नीति अपनाई गई, जिससे अपराधियों में डर बना है। लेकिन अखिलेश यादव ने इस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब सरकार एनकाउंटर कर रही थी, उसी समय लखनऊ में एक और महिला को गोली मार दी गई।
उन्होंने दावा किया कि यूपी में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति बेहद खराब है। बलिया में एक बेटी के हाथ-पैर बांधकर पेड़ से लटका दिया गया। उन्होंने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, यूपी में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले सबसे ज्यादा दर्ज किए गए हैं, जिससे सरकार के दावों की पोल खुल जाती है।
बेरोजगारी और निवेश पर भी उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने बेरोजगारी और प्रदेश में निवेश को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि योगी सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही थी कि यूपी में निवेश आएगा और उद्योग लगेंगे, लेकिन हकीकत यह है कि सरकारी अफसरों पर ही भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को अपने ही एक अधिकारी पर एफआईआर दर्ज करनी पड़ी और अब वह अधिकारी अंडरग्राउंड हो गया है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि वह या तो सीएम आवास में छिपा होगा या किसी खास अधिकारी के पास होगा।
अखिलेश यादव ने प्रदेश के किसानों की बदहाली को लेकर भी योगी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार दावा कर रही थी कि किसानों की आय दोगुनी होगी, लेकिन हकीकत यह है कि बुंदेलखंड के किसानों को सरसों और तिल की फसल का सही मूल्य तक नहीं मिल रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल प्रचार में लगी हुई है और जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो बेरोजगारी में यूपी नंबर वन है और सरकार सिर्फ अपने अधिकारियों की जेब भरने में लगी हुई है।












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