UP में पराली जलाने के मामले 18% बढ़े! 7,290 आग की घटनाओं ने बढ़ाई NCR में 'स्मॉग इमरजेंसी' की आशंका
Stubble Burning in UP: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कड़ी निगरानी के बावजूद, इस साल पराली जलाने की घटनाओं में पिछले साल (2024) की तुलना में 18% से अधिक की वृद्धि हुई है। यह चिंताजनक वृद्धि एयर क्वालिटी को और बिगाड़ सकती है, जिससे विशेष रूप से एनसीआर (NCR) क्षेत्र में सर्दियों के स्मॉग के खतरे को बढ़ावा मिल सकता है।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) की अंतर-विषयक अनुसंधान पहल CREAMS द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 15 सितंबर से 30 नवंबर के बीच पराली जलाने की 7,290 घटनाएं दर्ज की गईं।

2020 के बाद पराली जलाने के मामलों में 58% की वृद्धि
यह संख्या 2024 की 6,142 घटनाओं से 18.6% अधिक है। हैरानी की बात यह है कि 2020 (4,631 मामले) के बाद से पराली जलाने के मामलों में 58% की वृद्धि हुई है, जबकि 2021 (4,242) और 2022 (3,017) में इसमें गिरावट आई थी।
इस सीजन में पूर्वी उत्तर प्रदेश का महराजगंज 797 मामलों के साथ सबसे आगे रहा, जिसके बाद झांसी (577), खीरी (216), फतेहपुर (201), कुशीनगर (200), रायबरेली (171) और सिद्धार्थनगर (143) जैसे जिले रहे।
राष्ट्रीय स्तर पर स्थिति: यूपी दूसरे स्थान पर
- पराली जलाने की कुल राष्ट्रीय घटनाओं में यूपी का योगदान 22% रहा।
- इस सूची में मध्य प्रदेश 17,067 (कुल मामलों का 51% से अधिक) घटनाओं के साथ शीर्ष पर रहा।
- अन्य राज्यों में पंजाब (5,114), राजस्थान (2,890), हरियाणा (662) और दिल्ली (5) मामले दर्ज किए गए।
हॉटस्पॉट में बदलाव और कारण
परंपरागत रूप से पश्चिमी यूपी के मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली जैसे जिले पराली जलाने के हॉटस्पॉट रहे हैं। लेकिन अब पूर्वी यूपी और बुंदेलखंड के जिलों में यह वृद्धि देखने को मिल रही है।
एक्सपर्ट के अनुसार, यह रुझान फसल पैटर्न में संभावित बदलाव, गरीब जिलों में मशीनीकरण की कमी, सीमित सरकारी पहुंच और सब्सिडी को अवशोषित करने की कम क्षमता को दर्शाता है।
किसानों को धान की कटाई और गेहूं की बुवाई के बीच केवल 15 से 20 दिन का समय मिलता है, जिसकी वजह से वे खेत को जल्दी साफ करने के लिए पराली में आग लगा देते हैं। छोटे जोत वाले किसानों के लिए अवशेष प्रबंधन मशीनों का खर्च उठाना भी मुश्किल होता है।
सरकार के प्रयास और समाधान की रणनीति
प्रमुख सचिव (कृषि), रवींद्र ने बताया कि विभाग घटनाओं पर कड़ी निगरानी रख रहा है। सरकार प्रवर्तन (Enforcement), प्रोत्साहन (Incentives), और वैकल्पिक समाधानों के माध्यम से इस समस्या से निपटने की कोशिश कर रही है।
जुर्माना
दो एकड़ से कम भूमि पर ₹2,000, दो से पांच एकड़ पर ₹5,000 और पांच एकड़ से अधिक पर ₹15,000 का पर्यावरणीय मुआवजा शुल्क (ECF) लगाया जाता है। निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों पर सब्सिडी दी जा रही है।
'पराली के बदले गौवंश खाद' पहल शुरू की गई, जिसमें पराली के बदले गाय का गोबर खाद देने को प्रोत्साहित किया गया, साथ ही बायो-डीकंपोजर और कंपोस्टिंग को बढ़ावा दिया गया। सरकार औद्योगिक उपयोग के लिए पराली के उपयोग के अधिक अवसर पैदा करने की योजना बना रही है, खासकर पूर्वी यूपी में जहाँ मामले बढ़ रहे हैं।
-
Delhi Riots: जिसने पूरी जिंदगी ईर्ष्या की, उसी के निकाह में 6 साल जेल काटकर पहुंचे Sharjeel Imam, दूल्हा कौन? -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट -
Uttar Pradesh Gold Price: यूपी में आज 22K-18K सोने का भाव क्या? Lucknow समेत 9 शहरों में कितना गिरा रेट? -
Hormuz Crisis: ईरान के खिलाफ 20 मजबूत देशों ने खोला मोर्चा, दे दी बड़ी चेतावनी, अब क्या करेंगे मोजतबा खामेनेई -
बिना दर्शकों के खेला जाएगा PSL, मोहसिन नकवी ने की 2 शहरों में आयोजन की घोषणा, किस वजह से लिया यह फैसला? -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी के भाव ने फिर चौंकाया, चढ़ा या गिरा? जानें यहां -
Donald Trump PC Highlights: '48 घंटे के अंदर खोलो Hormuz वरना तबाह कर दूंगा', ट्रंप ने दी ईरान को धमकी -
विराट ने मांगा प्राइवेट जेट? क्या RCB के हर मैच के बाद जाएंगे वापस लंदन? खुद सामने आकर किया बड़ा खुलासा












Click it and Unblock the Notifications