गोरखपुर: पूर्वांचल के विकास पर वेबिनार में कृषि मंत्री ने कहा- बागवानी से किसानों की आय हो सकती है दोगुनी
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर विश्वविद्यालय में पूर्वांचल के विकास पर तीन दिवसीय वेबिनार के दूसरे दिन प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में योगी सरकार कदम उठा रही है। सब्जियों की खेती को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश के बीस लाख किसानों को बीज सरकार की तरफ से मुफ्त में दिया जाएगा। कहा कि पूर्वांचल के किसान भी सब्जियों और फलों की बागवानी से लाभ पा सकते हैं। पूर्वांचल में बागवानी की असीम संभावनाओं की ओर ध्यान दिलाते हुए मंत्री ने कहा कि किसानों को तकनीकी जानकारी दी जाय ताकि वे बागवानी से अधिक से अधिक पैसा कमा सकें। अनाज के पैदावार में छह महीने का समय लग जाता है जबकि सब्जियां दो से तीन महीने में तैयार हो जाती हैं।

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के पास आज के समय के हिसाब से तकनीक की जानकारी नहीं है। यह मल्टी क्रॉपिंग का युग है और बागवानी की ओर किसानों को जाना चाहिए। योगी सरकार कृषि क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। वाराणसी में इंटरनेशनल राइस रिसर्च सेंटर फिलीपींस ने खोला है। प्रदेश में केंद्र सरकार की तरफ से पोटैटो रिसर्च सेंटर खोलने की तैयारी की जा रही है। पिछले तीन साल में तीन सौ करोड़ रुपए कृषि क्षेत्र में रिसर्च करने के लिए और कृषि संस्थाओं को दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि बीज की क्वालिटी बेहतर करने के लिए वैज्ञानिकों को योगदान देना होगा। आम के पैदावार पर मंत्री ने कहा कि प्रदेश में आम की क्वालिटी को बेहतर बनाकर निर्यात किया जा सकता है।
इस वेबिनार में अपर मुख्य सचिव, कृषि देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण काल में कृषि ही एक ऐसा क्षेत्र था जो बंद नहीं हुआ। प्रदेश में बाहर से जो भी प्रवासी लौटे उनको सरकार की मदद से कृषि क्षेत्र में काम दिए गए। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि पानी की प्रचुरता, मानव संसाधन और बेहतर कनेक्टिविटी पूर्वांचल की ताकत हैं जो कृषि क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। पूर्वांचल में बाढ़ जैसी आपदा हैं तो छोटी जोत, कमजोर सहकारी समितियां और कमजोर मंडियां हैं। अपर मुख्य सचिव ने ताकत, कमजोरी, अवसर और खतरों का आंकलन कर कृषि क्षेत्र की नीतियों को बनाने पर जोर दिया। वेबिनार के दूसरे दिन आईसीएआर के उपमहानिदेशक डॉक्टर अरविंद कुमार सिंह ने 'पूर्वी उत्तर प्रदेश में बागवानी के विकास की संभावनाएं' विषय पर अपने विचार रखे। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह ने बताया कि कृषि में रोजगार के अवसर कैसे बढ़ाए जा सकते हैं। सत्र में गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश सिंह, पूर्वांचल विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह समेत कई बुद्धिजीवी मौजूद रहे।












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