दरोगा ने महिला कॉन्स्टेबल के साथ की छेड़खानी, 14 महीने बाद केस दर्ज
सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश में चांदा थाने के एसओ ने खाकी को एक बार फिर दाग़दार किया है। उन पर एक महिला कांस्टेबल से छेड़छाड़ का आरोप लगा है। बटाया जा रहा है कि 14 महीने पहले बांदा ज़िले में पोस्टिंग के दौरान दरोगा ने इस घटना को अंजाम दिया था, जिसमें जांच के बाद उनके खिलाफ़ एफआईआर दर्ज हुई है। उधर एफआईआर दर्ज होने की खबर मिलते ही दरोगा छुट्टी पर चले गये हैं।

बांदा के अतर्रा थाने में पोस्टिंग का है केस
जानकारी के अनुसार चांदा थाने के एसओ विष्णु कुमार मिश्र 14 महीने पहले जनपद बांदा के अतर्रा थाने में बतौर थानाध्यक्ष तैनात थे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने विभाग की एक महिला कॉन्स्टेबल के साथ छेड़छाड़ की थी। महिला ने अधिकारी की इस हरकत पर उसने नाराजगी जताई और इसकी शिकायत एसपी सहित उच्चाधिकारियों से की थी।
दरोगा की पहुंच में दबी रही फाइल
तभी दरोगा विष्णु कुमार ने मौके का फ़ायदा उठाया और ट्रांसफर सुल्तानपुर जिले में करा लिया। लेकिन एसपी बांदा ने दरोगा के खिलाफ महिला कांस्टेबल की शिक़ायत को गम्भीरता से लेते हुए गहनता के साथ प्रकरण की जांच करवाई। पुलिस के भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो महिला कांस्टेबल की शिकायत एसपी द्वारा करायी जा रही जांच में प्रथमदृश्टया ही सही पायी गयी थी, लेकिन दरोगा की ऊंची पहुंच से दबी रही। जब वो दरोगा का बांदा जिले से ट्रांसफर हो गया तो जांच में तेजी आ गई। अब लगभग 14 महिने बाद एसपी ने दरोगा के खिलाफ महिला कॉन्स्टेबल के आरोपों को सही पाते हुए उनके खिलाफ छेड़खानी की एफआईआर करा दिया है।
मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया मामला
इधर सुल्तानपुर जिले के चांदा थाने का प्रभार दागी दरोगा को मिल चुका था। 2 दिन पूर्व बांदा जिले में छेड़खानी की एफआईआर दर्ज होने की ख़बर मिलते ही उन्होंने उच्च अधिकारी से छुट्टी ली और चलते बने। वैसे दरोगा के ऊपर अब सस्पेंशन की तलवार लटक रही है। इस सम्बन्ध में एएसपी सूर्यकान्त त्रिपाठी ने बताया कि मामले की पूरी जानकारी नहीं है, मीडिया के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। पूरी जानकारी मिलने पर आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।












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