Suvendu Adhikari PA Murder: आखिरी फोन कॉल से शूटआउट तक! सुवेंदु के सबसे करीबी चंद्रनाथ रथ के साथ कब-क्या हुआ?

Suvendu PA Chandranath Rath Murder Case: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के शानदार नतीजों के बीच भाजपा के दिग्गज नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। उत्तर 24 परगना के मध्यग्राम में जिस तरह से पेशेवर अंदाज में इस वारदात को अंजाम दिया गया, उसने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस के अनुसार, फायरिंग इतनी सटीक थी कि गाड़ी के फ्रंट ग्लास या बॉडी पर एक भी गोली नहीं लगी। हमलावरों ने सिर्फ उसी खिड़की को निशाना बनाया जहां चंद्रनाथ बैठे थे। आइए जानतें हैं सुवेंदु के सबसे वफादार साथी की हत्या का पूरा घटनाक्रम क्या रहा?

Chandranath Rath was shot

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: (Timeline)

  • वारदात का समय: प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, घटना बीती रात करीब 10:30 से 11:00 बजे के बीच की है।
  • लोकेशन: उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम (बरासत क्षेत्र) का दोहारिया इलाका।
  • हमले की शुरुआत: चंद्रनाथ अपनी सफेद स्कॉर्पियो एसयूवी से जा रहे थे। इस दौरान चार मोटरसाइकिलों पर सवार आठ हथियारबंद बदमाशों ने उनकी गाड़ी का पीछा करना शुरू किया।
  • ताबड़तोड़ फायरिंग: हमलावरों ने एसयूवी को ओवरटेक कर घेरा और बेहद करीब से गोलियां चलाईं। शूटर्स ने सीधे ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे चंद्रनाथ को निशाना बनाया।
  • अस्पताल ले जाते समय मौत: स्थानीय लोग उन्हें तुरंत 200 मीटर दूर स्थित डायवर्सिटी नर्सिंग होम ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के मुताबिक गोलियां दिल को चीरती हुई निकली थीं।
  • सुबह की कार्रवाई: गुरुवार सुबह चंद्रनाथ के शव को पोस्टमार्टम के लिए बारासात अस्पताल भेजा गया।

प्रोफेशनल शूटर्स और सोची-समझी साजिश

इस मर्डर केस में पुलिस को कई ऐसे सुराग मिले हैं जो इसे एक हाई-प्रोफाइल 'कॉन्ट्रैक्ट किलिंग' की ओर इशारा करते हैं। पुलिस ने एक संदिग्ध वाहन जब्त किया है, जिस पर सिलीगुड़ी का नंबर (विलियम जोसेफ की कार का नंबर) लगा था। जांच में पता चला कि असली कार अभी भी सिलीगुड़ी में खड़ी है, यानी हमलावरों ने पहचान छुपाने के लिए फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया। सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि हत्या से पहले 2-3 दिनों तक चंद्रनाथ की गतिविधियों की रेकी की गई थी।

चंद्रनाथ रथ की हत्या पर दोस्त कासिम का फूटा गुस्सा, किए कई बड़े खुलासे

आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रनाथ के सबसे करीबी दोस्त कासिम अली ने इस वारदात को लेकर बेहद चौंकाने वाले दावे किए हैं। कासिम का कहना है कि यह हमला सिर्फ चंद्रनाथ पर नहीं, बल्कि उनके जरिए किसी बड़े चेहरे को निशाना बनाने की साजिश थी।

'शाम तक दोषियों का एनकाउंटर हो जाए'
अपने दोस्त को खोने के गम में डूबे कासिम अली की आंखों में आंसू और जुबान पर गुस्सा साफ दिख रहा है। उन्होंने बेहद आक्रामक लहजे में न्याय की मांग करते हुए कहा, '9 तारीख की सुबह हमारे मुख्यमंत्री शपथ लेंगे और हम चाहते हैं कि उसी दिन शाम तक दोषियों का एनकाउंटर हो जाए।'

चंद्रनाथ रथ और कासिम की आखिरी बातचीत
कासिम ने उस आखिरी पल को याद किया जब उनकी चंद्रनाथ से बात हुई थी। उन्होंने बताया, बुधवार शाम करीब 6 से 6:30 बजे के बीच चंद्रनाथ ने कासिम को फोन किया था। चंद्रनाथ ने कहा था, 'आ जाओ, निजाम पैलेस में बैठते हैं। गप्प मारेंगे, चाय पिएंगे और भाजपा की शानदार जीत का जश्न मनाएंगे।' कासिम ने उस वक्त व्यस्तता के कारण अगले दिन मिलने का वादा किया, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह उनकी आखिरी बातचीत साबित होगी।

कासिम का बड़ा दावा: 'टारगेट चंद्रनाथ नहीं, सुवेंदु दा थे'

कासिम अली ने रोते हुए एक बड़ा सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने कहा कि हमलावरों का असली टारगेट सुवेंदु अधिकारी थे। चूंकि चंद्रनाथ उनके सबसे भरोसेमंद और साये की तरह साथ रहने वाले व्यक्ति थे, इसलिए उन्हें रास्ते से हटाया गया। कासिम के मुताबिक, हत्यारों को चंद्रनाथ के पल-पल के मूवमेंट की जानकारी थी। काफी दिनों से उनकी रेकी की जा रही थी। यह कोई सामान्य अपराध नहीं, बल्कि सुवेंदु अधिकारी के सुरक्षा घेरे और उनके करीबियों को तोड़ने की एक गहरी राजनीतिक साजिश है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक 'असली टारगेट' वाले एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

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कौन थे चंद्रनाथ रथ?

चंद्रनाथ रथ केवल एक कर्मचारी नहीं बल्कि सुवेंदु अधिकारी के 'संकटमोचक' माने जाते थे:

  • पूर्व वायुसेना कर्मी: उन्होंने भारतीय वायुसेना में देश की सेवा की थी। वहां से रिटायरमेंट के बाद वे राजनीति में आए।
  • 20 साल का साथ: वे करीब दो दशक से सुवेंदु अधिकारी के साथ थे। 2019 में जब सुवेंदु मंत्री थे, तब से वे उनकी कोर टीम का हिस्सा रहे।
  • चुनावी रणनीतिकार: भवानीपुर और नंदीग्राम जैसे हाई-वोल्टेज चुनावों में उन्होंने बूथ लेवल पर चुनाव प्रबंधन की कमान संभाली थी।
  • पारिवारिक वफादारी: सुवेंदु के साथ ही उनका पूरा परिवार टीएमसी छोड़ भाजपा में शामिल हुआ था। उनकी मां हसी रथ भी पूर्व में पंचायत निकाय में पद संभाल चुकी हैं।

फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के जरिए हमलावरों की तलाश में जुटी है। आशंका है कि हमलावर बॉर्डर के रास्ते भागने की फिराक में हैं।

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