दंबगों ने महिला को लात-घूसों से पीटा, हो गया गर्भपात, हालत गंभीर
बहराइच। भेटिया त्रिभुवनदत्तपुरवा गांव निवासी एक गर्भवती महिला को तीन दिन पूर्व गांव के कुछ युवकों ने लात घूंसों से जमकर पीटा। महिला ने थाने पर तहरीर दी तो पुलिस ने सुलह करवा दिया। निजी चिकित्सक के यहां इलाज हुआ। लेकिन मंगलवार देर शाम को महिला की तबियत बिगड़ गई। परिवारीजनों ने महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां महिला का गर्भपात हो गया। इसके बाद पुलिस ने आनन-फानन में तीन युवकों को नामजद करते हुए केस दर्ज कर जांच शुरु की है। एक आरोपी को भी दबोच लिया है।

जबकि दो आरोपी फरार है। इस मामले में एसपी सिटी ने भी जांच शुरु कर दी है। हुजूरपुर थाना अंतर्गत भेटिया त्रिभुवनदत्तपुरवा गांव निवासी ऊषा देवी (28) पत्नी रघुनाथ के घर के सामने बीते कुछ दिनों से अज्ञात लोग गंदगी फैला रहे थे। इस मामले में ऊषा निरंतर नजर रख रही थी। तीन दिन पूर्व 26 अगस्त को गांव निवासी रामू, सरयू और एक अन्य सहयोगी को गंदगी फैलाते देखा। इसका ऊषा ने विरोध किया। जिसको लेकर दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी हुई। युवकों ने गर्भवती ऊषा की लात घूंसों से पिटाई कर दी।
चीख पुकार सुनकर दौड़े गांव के लोगों ने किसी तरह मामले को शांत कराया। ऊषा ने पति के साथ थाने पहुंचकर तीनों युवकों के खिलाफ तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने सुलह समझौता करवा दिया। मारपीट में घायल ऊषा को निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया। वहां पर इलाज के दौरान मंगलवार देर शाम को ऊषा की तबियत बिगड़ गई। चिकित्सक के जवाब देने पर परिवारीजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पर ऊषा देवी का गर्भपात हो गया। हालांकि इलाज शुरु होने के बाद अब स्वास्थ्य स्थिर है। इस मामले में ऊषा के पति रघुनाथ ने एसपी सिटी कमलेश दीक्षित को मामले से अवगत कराया। इसके बाद हुजूरपुर पुलिस हरकत में आई।
आनन-फानन में रामू, सरजू और उसके एक सहयोगी के खिलाफ धारा 323, 408, 506 और 316 के तहत केस दर्ज कर लिया। एसपी सिटी ने बताया कि वह स्वयं मामले की जांच कर रहे हैं। आरोपी सरजू को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य दो आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।












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