1988 और 1994 में मर्डर कर चुके हत्यारे को पुलिस ने 23 साल बाद कैसे पकड़ा?
सुल्तानपुर। हत्या के एक मामले में 23 सालों से भेष बदलकर रह रहे आरोपी बेचन को ज़िले की चांदा थाने की पुलिस ने अरेस्ट किया है। पकड़े गये आरोपी के खिलाफ एसपी अमित वर्मा ने हाल ही में 15 हज़ार का इनाम घोषित किया था।

1994 में हत्या के बाद हुआ था फरार
जानकारी के अनुसार चांदा थाने के बसुही गांव निवासी बेचन पुत्र रामलाल ने 24 फरवरी 1994 को थाना क्षेत्र में हत्या की एक वारदात को अंजाम दिया था, और इसके बाद से वो निरंतर फरार चल रहा था। ज़िला पुलिस को उसकी सरगर्मी से तलाश थी।
हत्या के इस केस से जुड़े एक अन्य आरोपी छोटेलाल ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था, जिसके बाद से पुलिस की मुश्किलें बढ़ गईं थी। करीब 9 साल बाद कोर्ट ने दूसरे आरोपी छोटेलाल को उम्र कैद की सज़ा सुनाई थी। इसके बाद छोटेलाल ने ऊपर की कोर्ट में रिट दायर की और बेल पर छूटा।

12 अक्टूबर को एसपी ने की थी इनाम की घोषणा
इधर सरकार बदलने के बाद अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाये जाने और इनाम की घोषणा के मद्देनजर एसपी अमित वर्मा ने 1994 से फरार हत्यारोपी बेचन के खिलाफ 12 अक्टूबर को 15 हज़ार का इनाम घोषित किया था। इसी क्रम में एसपी सुलतानपुर अमित वर्मा ने बताया कि पुलिस को इनपुट मिला था कि देश के कई हिस्सों में भेष बदलकर रह रहा बेचन त्योहार के मद्देनजर घर पर आ सकता है। इसके बाद से पुलिस को मुस्तैद कर दिया गया था। बीते रविवार की रात चांदा पुलिस ने उसे इलाके के कोथरा से अमरुपुर जानें वाली रोड पर शोभीपुर के पास से अरेस्ट कर लिया। पुलिस के अनुसार उसके पास से असलहा भी बरामद हुआ है।

1998 में दिया था पहली वारदात को अंजाम
एसपी अमित वर्मा ने बताया कि बेचन ने सबसे पहले 1988 में हत्या की एक वारदात को अंजाम दिया था, जिसमें उसे जेल की हवा खानी पड़ी थी। इसके बाद उसने 1994 में हत्या की दूसरी वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गया।












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