यूपी: ड्यूटी पर तैनात अस्पताल कर्मचारी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, परिजनों ने कोतवाली में किया हंगामा

फर्रुखाबाद। यूपी के फर्रुखाबाद कोतवाली फतेहगढ़ में एक प्राइवेट अस्पताल में लाइट ड्यूटी कर रहे कर्मचारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस बात की सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। शव की शिनाख्त करने के बाद पुलिस ने इस बात की सूचना परिवारवालों को दी और फिर शव को रात में मॉर्चरी में रखवा दिया। इस घटना के बाद अगली सुबह मृतक शिवम शुक्ला के रिश्तेदार व अन्य परिजन कोतवाली पहुंचे। जहां पर उन्होंने अस्पताल में उसकी हत्या किए जाने की बात कही। लेकिन जिस कमरे में युवक ने फांसी लगाई वहीं पर उसने आत्महत्या करने से पहले सोसाइड नोट भी लिखकर छोड़ दिया था। इस सुसाइड नोट में लिखा था कि मेरे बड़े भाइयों आप लोग हमारी वजह से परेशान रहते हो। आप लोग माता-पिता का ध्यान रखना, मैं आपसे विदा ले रहा हूं। खत में यह भी लिखा गया था कि अपनी मौत का जिम्मेदार खुद मैं हूं और कोई नहीं।

यूपी: ड्यूटी पर तैनात अस्पताल कर्मचारी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, परिजनों ने कोतवाली में किया हंगामा

सुसाइड नोट के मिल जाने से पुलिस ने किसी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस वजह से मृतक के परिजनों ने कोतवाली में खूब हंगामा काटा। कोतवाली प्रभारी झांझरलाल सोनकर ने बताया कि जब रात में घटना की जानकारी हुई जिसके बाद मौके पर जाकर जांच किया गया। इसके बाद पुलिस द्वारा मृतक के पिता को इस बात की सूचना दी गई। मृतक के पिता के सामने ही शव को फांसी के फंदे से उतारा गया। इस मामले में रात में किसी ने कुछ नहीं कहा। अब मुकदमा दर्ज कराने के लिए परिजन हंगामा काट रहे हैं। मृतक के पिता मुनेश्वरदयाल शुक्ला ने तहरीर दी है कि मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने महिला डॉक्टर के ऊपर मृतक को परेशान का आरोप लगाया है। कोतवाली प्रभारी ने आगे कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। लेकिन बावजूद इसके गांव दीनदयाल बाग निवासी मृतक के परिजन व रिश्तेदार महिला डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।

यूपी: ड्यूटी पर तैनात अस्पताल कर्मचारी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, परिजनों ने कोतवाली में किया हंगामा

आखिर मृतक अपने से क्यों परेशान था। जिस प्रकार से मृतक शिवम ने सोसाइड नोट लिखा उससे आखिर उसके ऊपर क्या परेशानी थी। वहीं एक शब्द की भाइयों झगड़ा मत करना आपस में प्यार से रहना। इसी गुत्थी में पुलिस भी फंसी है। घर वाले उसकी कहानी बताने को तैयार नहीं है। उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया है इस बात की जानकारी तो फिलहाल पुलिस को नहीं है लेकिन ये देखना होगा कि पुलिस आखिर इस मामले में किस तह तक जाती है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+