PM Kisan Samman Nidhi: किसानों की आड़ में 21 लाख लोग उठा रहे गलत फायदा, अब सरकार इस तरह कसेगी शिकंजा
लखनऊ, 08 सितंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (Pradhanmantri Kishan Samman Nidhi Yojna) की शुरूआत की थी। इससे जुड़े किसानों के खाते में पैसा भेजा जाता था। इसके लिए किसानों को अपने भूमि अभिलेखों से संबंधित जानकारी कृषि विभाग के पोर्टल पर अपलोड करनी होती है। लेकिन एक जांच में इस बात का खुलासा हुआ है लाखों लोग किसानों की आड़ में पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उठा रहे हैं। अब ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई करने का फैसला किया है। इस तरह के लोगों से अब उस धनराशि की वसूली भी की जाएगी।

21 लाख अपात्र लोग उठा रहे किसान सम्मान निधि का लाभ
यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि 21 लाख किसानों को पीएम किसान निधि योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए अपात्र पाया गया था और उनके बैंक खातों में पहले से हस्तांतरित धन की वसूली नियमानुसार की जाएगी। बुधवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "अपात्रों में वे किसान हैं जो आयकर का भुगतान करते हैं, जिनके पास कोई जमीन नहीं है या पति-पत्नी दोनों लाभ ले रहे हैं।"

किसान सम्मान निधि की 12वीं किस्त जल्द होगी जारी
सरकार ने किसानों से भी अपील की है कि वे पीएम-किसान निधि के तहत 12वीं किस्त पाने के पात्र होने के लिए 9 सितंबर तक अपने सभी भूमि अभिलेखों को सत्यापित और कृषि विभाग के पोर्टल पर अपलोड कर दें। उन्होंने कहा कि केंद्र 12वीं किस्त किसी भी दिन जारी कर सकता है, लेकिन इसका लाभ केवल उन किसानों को मिलेगा, जिन्होंने 9 सितंबर तक अपना सत्यापित भूमि रिकॉर्ड डेटा पोर्टल पर अपलोड कर दिया होगा।

पात्र किसानों को मिलती है 6 हजार रुपये की सहायता
कृषि और राजस्व विभाग युद्ध स्तर पर काम की पुष्टि कर रहे हैं और 1.62 किसानों के 1.51 करोड़ का डेटा पहले ही अपडेट किया जा चुका है। शेष (लगभग) 11 लाख किसानों के डेटा का सत्यापन किया जा रहा है।" हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग छूट गए हैं उनके मामले को अगले चरण में लिया जाएगा लेकिन सभी पात्र किसानों को पीएम-किसान निधि का लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत, पात्र किसानों को तीन समान किश्तों में 6,000 रुपये प्रति वर्ष की वित्तीय सहायता मिलती है।

जैविक खेती के लिए किसानों को किया जाएगा प्रेरित
कृषि मंत्री ने आगे कहा कि विभाग द्वारा 9 सितंबर को कानपुर के निकट एक गांव में एक कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें चार संभागों में जैविक खेती करने वाले किसान भाग लेंगे। कार्यशाला में उन्हें कृषि में ड्रोन के उपयोग का डेमो भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन से पहले कृषि संगोष्ठियों के दौरान विभाग को किसानों से काफी सुझाव मिले। उन्होंने कहा कि हम संबंधित विभागों की मदद से उनके सभी मुद्दों को सुलझा रहे हैं।

योगी सरकार की जांच में हुआ था ये बड़ा खुलासा
दरअसल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार यूपी में लगातार लोककल्याणकारी योजनाओं की घोषणा कर रही है। इसके साथ ही केंद्र सरकार की ओर से भी तरह तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं लेकिन इन योजनाओं की हकीकत कुछ और है। जरूरतमंद लोगों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ फर्जी लाभार्थी उठा रहे हैं। शासन के सूत्रों के मुताबिक 79 लाख फर्जी लाभार्थियों का नाम हटाया गया है जो विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ उठाकर योगी सरकार ने 8,000 करोड़ रुपये का चूना लगा रहे थे। इस कदम से सरकार को अपने खजाने को मजबूत करने में भी मदद मिली है।












Click it and Unblock the Notifications