UP के विश्वविद्यालयों में मुस्लिम छात्रों के नामांकन में 16 फीसदी की गिरावट, BSP सांसद ने पूछे ये 3 सवाल
2019-20 की तुलना में 2020-21 में यूपी में मुस्लिम छात्रों के नामांकन में 16 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, इसमें मुस्लिम छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है।
उच्च शिक्षा पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण (एआईएसएचई) के अनुसार, 2019-20 की तुलना में 2020-21 में मुस्लिम छात्रों के नामांकन में 8 फीसदी की गिरावट आई है और उत्तर प्रदेश में मुस्लिम छात्रों के नामांकन में 16 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि, मुस्लिम छात्रों का नामांकन 17,39,218 (एआईएसएचई 2016-17 के अनुसार) से बढ़कर 19,21,713 (एआईएसएचई 2020-21 के अनुसार) हो गया है, जो पूरे देश में 1,82,495 (10.5%) की वृद्धि है।
आपको बता दें कि मुस्लिम छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है। सरकार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की छात्रवृत्ति/अध्येतावृत्ति योजनाओं के माध्यम से अल्पसंख्यक छात्रों को प्रोत्साहित कर रही है। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय 6 अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों, अर्थात् बौद्ध, ईसाई, जैन, मुस्लिम, सिख और पारसी (पारसी) से संबंधित छात्रों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए प्रीमैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक और मेरिट-कम-मीन्स आधारित छात्रवृत्ति योजनाएं लागू करता है।

योजनाओं का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों का उत्थान करना, उच्च शिक्षा में उनकी प्राप्ति की दर बढ़ाना और उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि करना और गरीब और मेधावी छात्रों को व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाना है। ये योजनाएं शैक्षणिक संस्थानों में अल्पसंख्यक छात्रों के नामांकन को बेहतर बनाने में सहायक रही हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भी सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित समूहों (एसईडीजी) पर ध्यान केंद्रित करके न्यायसंगत और समावेशी शिक्षा पर जोर दे रही है जिसमें अल्पसंख्यक समुदायों के छात्र भी शामिल हैं।
अमरोहा के बसपा सांसद कुंवर दानिश अली ने शिक्षा मंत्री से पूछे तीन सवाल
- क्या उच्च शिक्षा पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण से पता चला है कि उच्च शिक्षा के लिए मुस्लिम छात्रों के नामांकन में 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है और 20 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले उत्तर प्रदेश में ऐसे नामांकन में अधिकतम 36 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
- अगर हां, तो इसके क्या कारण हैं?
- उपर्युक्त नामांकन में इस तरह की गिरावट को रोकने के लिए सरकार द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे हैं?












Click it and Unblock the Notifications