अखिलेश ने सीएम योगी को कहा झूठा मुख्यमंत्री, पीयूष जैन को बताया BJP का आदमी
अखिलेश ने सीएम योगी को कहा झूठा मुख्यमंत्री, पीयूष जैन को बताया BJP का आदमी
उन्नाव, 28 दिसंबर: कानपुर के धनकुबेर पीयूष जैन पर पड़े छापे को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच जुबानी जंग जारी है। दोनों ही पार्टियों के नेता पीय़ूष जैन को एक-दूसरी पार्टी के नेता बता रहे है। सीएम योगी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा पीयूष को सपा का नेता बताने पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पलटवार किया है। उन्नाव में मीडिया से रूबरू हुए अखिलेश यादव ने कहा, 'डिजिटल गलती की वजह से बीजेपी ने गलत जगह छापा मारा दिया। वो (पीयूष जैन) बीजेपी का आदमी है।'

छापा मारना था पुष्पराज जैन के, मार दिया पीयूष जैन के यहां
उन्नाव में मीडिया से बात करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, 'सरकार से क्या गलती हुई, देखिए पुष्पराज जैन ने समाजवादी इत्र बनाया था। लेकिन छापा मारा गया पीयूष जैन के और आप लोगों के माध्यम से (पत्रकार साथियों के माध्यम) से प्रचार किया गया कि वह समाजवादी पार्टी का नेता है। दोपहर आते-आते पत्रकार साथियों भी समझ गए कि समाजवादी पार्टी से पीयूष जैन का कोई लेना देना नहीं है। सुबह तक यही हेडलाइन चल रही थी समाजवादी इत्र कारोबारी। लेकिन मुझे खुशी है कि दोहर आते-आते हमारे पत्रकारी साथी भी समझ गए की सपा से कोई लेना देना नहीं है।
डिजिटल इंडिया की गलती
अखिलेश ने कहा कि बीजेपी ने अपनी ही गलत जगह छापा मार दिया। बीजेपी ने अपने ही कारोबारी के यहां छापा मारा दिया। कहा कि पीयूष जैन के घर, बेसमेंट और दीवारों में नोट निकले। जिम्मेदार कौन है। वो छापा मारना चाहते थे इत्र वाले पुष्पराज जैन के यहां। लेकिन छापा मार दिया पीयूष जैन के यहां। लगता है डिजिटल इंडिया की गलती हो गई। पुष्पराज जैन की जगह पीयूष जैन आ गए। तो पीयूष जैन के यहां छापा मार दिया। इतना रुपया यूपी में से आज तक नहीं निकला होगा। जो सरकार में है वो बता सकते है रुपया कहा से आया। जिस बैंक से निकला होगा वो बता सकते है ये पैसा कहा से निकला है। नोटबंदी में उनकी योजना फैल हुई है और जीएसटी भी उनकी फैल हुई है।
योगी को बताया झूठ मुख्यमंत्री: अखिलेश यादव
मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को झूठा मुख्यमंत्री बताया। अखिलेश ने कहा कि बड़े-बड़े विज्ञापन दे रहे है। विज्ञापनों में उन्होंने दावा किया है कि लाखों नौजवानों को नौकरियां दी गई है। अगर वो सच्चे विज्ञापन थे तो आज नौजवानों को रोगार क्यों नहीं मिल रहा है। वो झूठ विज्ञापन थे, पैसों से दिए गए थे। ये सच्चे नौजवान है जो नौकरी के लिए लाठी खा रहे है।












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