ट्रस्ट की ऑडिट के बीच अखिलेश यादव ने राम मंदिर के दान से लापता धनराशि पर चिंता जताई
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर के लिए दिए गए दान की बड़ी रकम गायब होने की रिपोर्टों पर चिंता जताई है। उन्होंने अदालत से इस मामले पर संज्ञान लेने का आग्रह किया। इसके जवाब में, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव, चंपत राय ने कहा कि चल रहे आंतरिक ऑडिट में इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ नियमित ऑडिट करता है। राय के अनुसार, वर्तमान ऑडिट प्रक्रिया में कोई अनियमितता सामने नहीं आई है। ट्रस्ट के सदस्य महंत दीनेंद्र दास ने भगवान राम के न्याय में विश्वास व्यक्त किया और कहा कि सरकार के किसी भी फैसले का सम्मान किया जाएगा।
यादव ने इस मुद्दे को दुनिया भर के राम भक्तों के लिए अत्यधिक संवेदनशील बताया और मंदिर ट्रस्ट की चुप्पी की आलोचना की। उन्होंने ट्रस्ट और सरकार दोनों की प्रतिक्रिया की कमी पर सवाल उठाते हुए इसे संदिग्ध बताया। यादव ने वैश्विक सनातनी समुदाय द्वारा भगवान राम में रखे गए गहरे विश्वास के कारण अदालत के हस्तक्षेप का आग्रह किया।
एक्स पर एक पोस्ट में, यादव ने राय के बयान को अस्पष्ट और नियमित बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी ट्रस्ट सदस्यों को एक व्यापक स्पष्टीकरण प्रदान करने के लिए बैठक करनी चाहिए और सत्यापन के लिए सीसीटीवी फुटेज का उपयोग करने की सलाह दी। यादव ने तर्क दिया कि ट्रस्टियों के बीच सामूहिक चर्चा से सच्चाई सामने आएगी।
ट्रस्ट की प्रतिक्रिया और ऑडिट प्रक्रिया
राय ने कहा कि अब तक के ऑडिट में कुछ भी उल्लेखनीय सामने नहीं आया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये ऑडिट मानक प्रक्रियाएं हैं जिनमें कई हितधारक शामिल हैं। इसके बावजूद, यादव संशयवादी बने रहे, और उन्होंने सवाल उठाया कि एक संक्षिप्त बयान जारी करने में इतना समय क्यों लगा और इसकी सामग्री की कमी की आलोचना की।
सपा नेता ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि जिसे उन्होंने अपर्याप्त स्पष्टीकरण बताया, उसके बाद वैश्विक सनातन समुदाय की आशंकाएं बनी हुई हैं। उन्होंने इन गंभीर आरोपों को दूर करने के लिए सभी संबंधित पक्षों से पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
With inputs from PTI












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