Chandni Qureshi कौन है? करोड़पति के बेटे Ayush को बनाया रहमान, कैसे कबूल कराया इस्लाम? 3 मौलवी समेत 10 पर FIR
UP Shamli Chandni Qureshi News Hindi: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक नया धर्मांतरण विवाद सुर्खियों में है। स्थानीय दवा कारोबारी और केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष देवराज मलिक के इकलौते बेटे आयुष मलिक (27) का कथित तौर पर प्रेम के जाल में फंसाकर इस्लाम धर्म अपनाने और निकाह कराने का आरोप लगा है। मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी (25) एक महिला जिम ट्रेनर है।
पुलिस ने चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी और परिवार के अन्य सदस्यों समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इसमें 3 मौलवियों (मुनव्वर मौलवी समेत) का भी नाम शामिल है। चांदनी और उसके पिता को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। मामले ने राजनीतिक और सामाजिक रूप से तूल पकड़ लिया है।

Chandni Qureshi Ayush Malik Story Timeline: चांदनी कुरैशी और आयुष मलिक की कैसे हुई मुलाकात?
- 5 साल पहले (2021 के आसपास): आयुष मलिक ने शामली की 'कुरैशी बस्ती' में स्थित 'कुरैशी प्लस' जिम जॉइन किया। यहां चांदनी कुरैशी उनकी ट्रेनर बनीं। दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और आरोप के अनुसार प्रेम संबंध बन गया।
- 4 साल पहले: चांदनी और आयुष का कथित तौर पर चोरी-छिपे निकाहनामा पढ़ा गया। आयुष ने कलमा पढ़कर इस्लाम कबूल किया और नाम रहमान रख लिया।
- 6 महीने पहले: आयुष का लुक बदलना शुरू हुआ। दाढ़ी बढ़ाई, टोपी पहनना शुरू किया, मस्जिद जाना शुरू किया। बकरीद पर नमाज पढ़ने की तस्वीरें भी सामने आईं।
- 4 जून 2026: मुजफ्फरनगर के योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर ने वीडियो जारी कर मामले को सार्वजनिक किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चांदनी कुरैशी ने आयुष को फंसा लिया और पूरे परिवार पर धर्मांतरण का दबाव बनाया जा रहा है।
- 6-7 जून 2026: हिंदू संगठनों के विरोध और धरने की धमकी के बाद देवराज मलिक ने शामली कोतवाली में FIR दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चांदनी और उसके पिता को हिरासत में लिया।
Who Is Chandni Qureshi: चांदनी कुरैशी कौन है?
चांदनी कुरैशी (25 वर्ष) शामली की कुरैशी बस्ती (काजीवाड़ा मोहल्ला) की निवासी हैं। वे 'कुरैशी प्लस' जिम में ट्रेनर के रूप में काम करती थीं। परिवार में उसके पिता इस्लाम कुरैशी, भाई आस मोहम्मद, बहनें राहिल, सुमाइला, राबिया और हुमा कुरैशी शामिल हैं।
आरोप है कि चांदनी ने आयुष को प्रेम जाल में फंसाया, लिव-इन संबंध बनाए और निकाह के लिए धर्म परिवर्तन को शर्त बनाया। FIR में जबरन धर्मांतरण, धमकी, मानसिक दबाव और वसूली के आरोप लगे हैं।
Devraj Malik Allegation: देवराज मलिक का आरोप
देवराज मलिक (हनुमान टीला क्षेत्र, दयानंद नगर निवासी) शामली के प्रमुख मेडिकल स्टोर 'भारत मेडिकल स्टोर' के मालिक हैं। उन्होंने FIR में कहा कि बेटे से 5 साल से रंगदारी वसूली जा रही थी। प्रेम के नाम पर मानसिक दबाव बनाकर धर्मांतरण कराया गया। फर्जी निकाहनामा तैयार किया गया। मुस्लिम न बनने पर हत्या की धमकी दी गई। परिवार हिंदू है, वे सुबह-शाम हनुमान मंदिर जाते हैं। पुलिस के अनुसार, आयुष फिलहाल फरार या छिपा हुआ है।
FIR में कौन-कौन आरोपी?
- चांदनी कुरैशी
- इस्लाम कुरैशी (पिता)
- आस मोहम्मद (भाई)
- राहिल, सुमाइला, राबिया (बहनें)
- हुमा कुरैशी (Huma Qureshi)
- सलीम उर्फ भोला
- मुनव्वर मौलवी (कादियां मस्जिद)
- दो अन्य अज्ञात मौलवी
आरोप: IPC की विभिन्न धाराओं के साथ UP Freedom of Religion Act (धर्मांतरण विरोधी कानून) की धाराएं भी लगाई गई हैं।
समाज और राजनीति में हलचल
मामला सामने आते ही हिंदू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। स्वामी यशवीर महाराज ने 'घर वापसी' की अपील की और अगर कार्रवाई न हुई तो कुरैशी बस्ती का घेराव करने की चेतावनी दी। जाट समाज में भी चर्चा तेज है, आयुष जाट परिवार से हैं। पक्षी दल इसे 'लव जिहाद' करार दे रहे हैं, जबकि कुछ इसे व्यक्तिगत संबंध बताते हैं। यूपी सरकार के सख्त एंटी-कन्वर्जन कानून के तहत पुलिस तेजी से कार्रवाई कर रही है। एसपी एनपी सिंह ने प्रेसवार्ता में जांच की प्रगति बताई।
कानूनी पहलू क्या है?
उत्तर प्रदेश में 2021 का Prohibition of Unlawful Conversion of Religion Act सख्त है। इसमें जबरन, प्रलोभन या शादी के लिए धर्मांतरण पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। पुलिस डिजिटल सबूत (तस्वीरें, कॉल रिकॉर्ड, निकाहनामा) जुटा रही है।
यूपी में ऐसे मामले
यूपी में पिछले वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें प्रेम के नाम पर कन्वर्जन के आरोप लगे। सरकार का दावा है कि कानून ने ऐसे मामलों पर ब्रेक लगाया है, लेकिन सामाजिक ध्रुवीकरण जारी है।
चांदनी कुरैशी मामला प्रेम, धर्म और परिवार की जटिलताओं को उजागर करता है। पुलिस जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। हालांकि, यह युवाओं को सतर्क रहने की याद दिलाता है। रिश्तों में भावनाओं के साथ तथ्यों की भी जांच जरूरी है।













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