Bihae News: सम्राट चौधरी के बुलडोज़र के शिकार हुए उनके ही खास मंत्री, ज़मींदोज़ हुआ नर्सिंग होम, मजा हड़कंप
Bihar minister property demolished Sitamarhi: बिहार में अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। सीतामढ़ी के रिंग बांध क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के लिए जिला प्रशासन ने बुलडोज़र कार्रवाई की, जिसमें राज्य सरकार की मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता के नर्सिंग होम की दीवार भी तोड़ दी गई।
खास बात यह है कि बिहार सरकार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार अतिक्रमण हटाने और विकास कार्यों को तेज करने पर जोर देते रहे हैं। ऐसे में सरकार के ही एक मंत्री की संपत्ति पर कार्रवाई ने सबका ध्यान खींच लिया है।

Shweta Gupta nursing home bulldozer: सड़क चौड़ीकरण के लिए चला बुलडोज़र
सीतामढ़ी के रिंग बांध पर सड़क निर्माण और चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को हटाने का अभियान शुरू किया। लखनदेई पुल के उत्तर हिस्से में कई निर्माण चिन्हित किए गए थे। अधिकारियों के मुताबिक सड़क परियोजना में बाधा बन रहे ढांचों को हटाना जरूरी था। इसी वजह से रविवार को भारी पुलिस बल और प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में बुलडोज़र कार्रवाई की गई।
ये भी पढ़ें: 5 देशरत्न मार्ग अब 1 अणे मार्ग का हिस्सा नहीं बनेगा, राबड़ी विवाद के बीच CM सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला
Sitamarhi ring bandh encroachment drive: मंत्री के नर्सिंग होम की दीवार भी टूटी
कार्रवाई के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा समाज एवं बाल कल्याण मंत्री Shweta Gupta के नर्सिंग होम की चहारदीवारी को लेकर हुई। प्रशासन ने बताया कि यह हिस्सा चिन्हित अतिक्रमण क्षेत्र में आ रहा था। इसलिए नियम के तहत बुलडोज़र चलाकर दीवार को हटाया गया। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया कि सरकार की मंत्री होने के बावजूद कार्रवाई में किसी तरह की छूट नहीं दी गई।
सर्वे में सामने आया था बड़ा कब्जा
जिला प्रशासन द्वारा पहले कराए गए सर्वे में पता चला था कि रिंग बांध की सरकारी जमीन पर बड़े स्तर पर कब्जा किया गया है। यहां नर्सिंग होम, दुकानें, गोदाम और अन्य पक्के निर्माण खड़े कर दिए गए थे। जमीन की मापी और सीमांकन के बाद अतिक्रमण वाले हिस्सों को चिन्हित किया गया। अधिकारियों का कहना है कि सड़क परियोजना और भविष्य के विकास कार्यों को देखते हुए सरकारी जमीन को खाली कराना जरूरी था।
नोटिस के बावजूद नहीं हटाया गया कब्जा
प्रशासन ने कार्रवाई से पहले सभी संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया था। उन्हें खुद से अतिक्रमण हटाने का मौका भी दिया गया था। लेकिन अधिकांश मामलों में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोज़र अभियान शुरू किया। अधिकारियों का कहना है कि नियम सभी के लिए समान हैं और सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
ये भी पढे़ं: 'कुछ लोगों को बंगले से जरूरत से ज्यादा लगाव', 10 सर्कुलर रोड पर घमासान, सम्राट चौधरी का लालू परिवार पर निशाना
आगे भी जारी रहेगा अभियान
रिंग बांध क्षेत्र में यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी कई स्थानों पर अतिक्रमण हटाया जा चुका है। समीक्षा बैठक में रीगा अंचल में 91 और डुमरा अंचल में 62 अतिक्रमण वाले स्थान चिन्हित किए गए थे। प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण, ट्रैफिक सुधार और विकास परियोजनाओं में रुकावट बनने वाले सभी अवैध कब्जों पर कार्रवाई होगी। सरकार का संदेश साफ है कि विकास कार्यों के रास्ते में आने वाले अतिक्रमण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications