Land Port Management System क्या है, भारत के सभी बॉर्डर्स होंगे एक बटन से कंट्रोल!
Land Port Management System launch: भारत सरकार बॉर्डर मैनेजमेंट को डिजिटल और स्मार्ट बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah 9 जून को नई दिल्ली में Land Port Management System (LPMS) लॉन्च करेंगे। यह एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो देश के सभी लैंड पोर्ट्स को एक ही सिस्टम से जोड़ेगा।
इसके जरिए कार्गो और यात्रियों की आवाजाही, स्लॉट बुकिंग, पेमेंट, ट्रैकिंग और क्लियरेंस जैसी प्रक्रियाएं ऑनलाइन हो जाएंगी। सरकार का मानना है कि इससे सीमा पार व्यापार तेज होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और बॉर्डर पर लगने वाला समय काफी कम होगा।

क्या है Land Port Management System?
Land Port Management System (LPMS) एक आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे भारत के सभी लैंड पोर्ट्स को एक यूनिफाइड सिस्टम से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। अभी तक कई प्रक्रियाएं अलग-अलग विभागों के माध्यम से संचालित होती थीं, जिससे समय और संसाधनों की अधिक खपत होती थी। LPMS इन सभी सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाएगा। इससे व्यापारियों, ट्रांसपोर्ट कंपनियों और यात्रियों को एक जगह पर सभी जरूरी सुविधाएं मिलेंगी और काम पहले की तुलना में ज्यादा आसान और तेज होगा।
ये भी पढे़ं: Pakistani Submarine: हिंद महासागर में पाक ने भेजे वॉरशिप, भारत ने तत्काल भेजा INS Airavat, आगे क्या हुआ?
कार्गो और यात्रियों को क्या फायदा मिलेगा?
नए सिस्टम के जरिए कार्गो मूवमेंट और यात्री सेवाओं की पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी। ट्रकों के लिए स्लॉट बुकिंग ऑनलाइन होगी, पेमेंट डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा और सामान की रियल-टाइम ट्रैकिंग भी संभव होगी। यात्रियों को भी कई काउंटरों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक ही प्लेटफॉर्म से जरूरी मंजूरी और दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। इससे बॉर्डर पर लगने वाला इंतजार कम होगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी।
कैसे बढ़ेगी व्यापार और कनेक्टिविटी?
भारत की सीमाओं से हर साल बड़ी मात्रा में व्यापार होता है। LPMS के लागू होने के बाद मालवाहक वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी। डिजिटल प्रोसेस के कारण दस्तावेजों की जांच में लगने वाला समय घटेगा और माल की डिलीवरी तेजी से होगी। इससे पड़ोसी देशों के साथ व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी और तेज लॉजिस्टिक्स से कारोबारियों की लागत कम होगी तथा सीमा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
ये भी पढे़ं: Chabahar Port Crisis: चीन-US के बीच फंसा भारत क्या छोड़ेगा ईरान का चाबहार? किससे होगा युद्ध? Explained
सुरक्षा और पारदर्शिता को कैसे मिलेगा बल?
LPMS केवल सुविधा बढ़ाने वाला सिस्टम नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा को भी मजबूत करेगा। विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच डेटा का रियल-टाइम आदान-प्रदान होगा, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर तेजी से नजर रखी जा सकेगी। डिजिटल रिकॉर्ड होने से मानवीय त्रुटियों और अनावश्यक देरी की संभावना भी कम होगी। पारदर्शी प्रक्रिया के कारण सभी गतिविधियों की निगरानी आसान होगी और सीमा प्रबंधन अधिक प्रभावी बन सकेगा।
विकसित भारत 2047 के विजन से कैसे जुड़ा है?
सरकार LPMS को केवल एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती है। इसका उद्देश्य सीमा प्रबंधन को विश्वस्तरीय बनाना, व्यापार को आसान करना और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। लॉन्च के साथ ही मेघालय के डावकी और त्रिपुरा के श्रीमंतपुर लैंड पोर्ट पर नई आवास सुविधाओं का भी उद्घाटन किया जाएगा। इससे सीमा क्षेत्रों में काम करने वाले अधिकारियों और अन्य हितधारकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत होगा।












Click it and Unblock the Notifications