बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत की वजह क्या है? जांच एजेंसियों ने डेरा जमाया
Bandhavgarh Tiger Reserve: मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ नेशनल पार्क में गुरुवार को 2 और हाथियों ने दम तोड़ दिया। दोपहर में 9वें हाथी और शाम को 10वें हाथी की मौत हुई। ऐसा देश में पहली बार हो रहा है कि इतनी संख्या में हाथियों की मौत हुई हो। इस घटना के बाद से एमपी में हड़कंप मचा हुआ है।
मामले में एसटीएफ ने डॉग स्क्वॉड की मदद से 7 खेतों और 7 घरों की तलाशी ली है। 5 लोगों से पूछताछ भी की। घटनास्थल से 6 किमी के दायरे में छानबीन की जा रही है। वेटरनरी डॉक्टरों का कहना है कि मौत का कारण फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा।

जानकारी अनुसार 13 हाथियों का झुंड सलखनिया गांव में एक किसान के खेत में पहुंचा था। उस खेत में कोदो की फसल लगी थी। कुछ फसल की कटाई हो चुकी थी और कुछ को वहीं सूखने के लिए छोड़ दिया गया था। खेत के कुछ हिस्से में हरी कोदो लगी हुई थी। बताया जा रहा है कि उसी फसल को हाथियों ने खाया था। उसके बाद अगले दिन एक एक करके 4 हाथियों की मौत हो गई। यह आंकड़ा पहुंचकर अब 10 हो गया है।
बुधवार तक सभी 7 हाथियों के शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद दफना दिया गया है। जिसके लिए 300 बोरी नमक और गढ्ढे खोदने के लिए जेसीबी मशीन बुलाई गई थी। जबलपुर स्थित एसडब्ल्यूएफएच की टीमों ने गुरुवार तक 9 हाथियों का पोस्टमार्टम किया है और 10वें शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के वन मंत्री रामनिवास रावत ने हाथियों की मौत के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने के आदेश दिए हैं और अधिकारियों से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।












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