रूस पर रुख को लेकर भारत से बहुत निराश है ब्रिटेन

नई दिल्ली, 18 मार्च। ब्रिटेन ीी व्यापार मंत्री ऐन-मरी ट्रेवेलयान ने हहा है कि रूू पर भारत ेे रुख ोो लेलेर उनका देश न निराश है. भारत ेे साथ व्यापार वार्ताओं ेे दूदूरे दौर ेे ममापन ेे पहले ट्रेवेलयान ने यह बात हीही. इइेे पहले भी ब्रिटेन भारत ोो रूू ेे खिलाफ ड़ड़ा रुख अपनाने का आग्रह कर चुचुा है.
भारत ने यूयू्रेन पर ेहमलेहमले लिए रूू ीी निंदा करने ेे परहेज किया है. उउने ंयुंयुंयु्त राष्ट्र में हुए रूू-विरोधी प्रस्ताव पर हींान में भी हिस्सा नहीं लिया था, जिेे रूू का ममर्थन माना गया और रूू ने इइेे लिए भारत ीी तारीफ ीभीभी ी थी.
यूक्रेन पर क्यों चुप हैं इंडो-पैसिफिक के अधिद।ांं
इइी हफ्ते भारत ने ऐऐे ंंंेत दिए कथे किवह रूू ेे सस्तान खर अन्य सामान खरीदने पर विचार कर रहा हैर इइेे लिए भुगतान डॉलर में ना होहोर रूबल और रुपये में किया जा सतता है. यह दमदम रूू पर पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों ोो मजोमजोर करता है.
मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत
ब्रिटेन और भारत ेे बीचबीचबीच्त व्यापार मझौतेमझौते ेे लिए जनवरी में बातचीत शुरू हुई थी. इइ बातचीत का दूदूरा दौर लंदन में चल रहार ोर शुशु्रवार ोो इइेे ममापन ीी ंभंभावनाहै है. दोनों देश चाहते हैं कि इइ साल मुमु्त व्यापार मझौतेमझौते पर बातचीत खत्म कर लें.
जब ब्रिटिश मंत्री ट्रेवेलयान ेे पूछा गया कि रूू ोो लेलेा कारत ेे रूख कारत वव्यापार मझौतेमझौते ेे ंबंधंबंधित हींातचीत पर अन्होंने हींा नहीं, तोन्होंने उम्मीद जताई कि भारत अपना रूख बदल लेगा. ट्रेवेलयान ने हहा, "हम बहुत ननिराश हैंहैंलेिन हम अपने भारतीय साझीदारों ेे साथ काम करना जारी रखेंगे और उम्मीद करेंगे कि उनेे विचार बदलें."
प्रतिबंधों की आंच दुनिया भर की विमान सेवाओं पर
ट्रेवेलयान ने हहा कि मुमु्त व्यापार मझौतेमझौते ेे दोनों ोदेशोंदेशों ोाभ होगा. उन्होंने हहा, "भारत युनाइडेट किंग्डम ेे लिए एए बहुत महत्वपूर्ण व्यापारिक साझीदार है." भीभी ेदेशोंदेशों ीने ीात कहते उ ीन्होंनिश्चित किया ुाएग्चित किया जाएगा कि रूूी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ोो "भविष्य मेंमेंमें युद्ध ेे लिए धन ना मिले."
नाखुश हैं पश्चिमी देश
इइेे पहले ब्रिटेन ीी विदेश मंत्री लिज ट्रस ने भी भीारत ोो रूू ेे खिलाफ ड़ड़ा रुख अपनाने ीी नीहतीहत दी थी. पिछले हफ्ते उन्होंने कहा था कि भारत कुछ हद तक रूस पर निर्भर करता है, जो उसकी संयुक्त राष्ट्र में रूस की निंदा में लाए गए प्रस्ताव पर वोट के दौरान गैरहाजिर रहने के लिए जिम्मेदार है. रूू ेे यूयू्रेन पर ेहमले ेे कारण ंयुंयुंयु्त राष्ट्र में रूू ेे खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया गया था, जिस पर मतदान ेे भारत गैरहाजिर रहा था.
ब्रिटिश मंत्री ने एक संसदीय समिति को बताया, "यहां मुद्दा यह है कि भारत कुछ हद तक रूस पर निर्भर करता है. यह निर्भरता रक्षा संबंधों में भी है और आर्थिक संबंधों में भी. और मेरा मानना है कि आगे बढ़ने के लिए भारत के साथ रक्षा और आर्थिक संबंधों में नजदीकियां बढ़थनी ह."
भारत की नजर सस्ते रूसी तेल पर
भारत ेे इइ रुख ेे पश्चिमी देश बहुत हे्यादा खुश नहीं रहे हैं. हाल ही में मेंारत मेंर्मनी ेे राजदूत वॉल्टर लिंडनर ने उम्मीद जताई थी कि आने वाले दिनों में भारत रूू ोो लेलेर ंयुंयुंयु्त राष्ट्र में अपना रवैया बदलेगा.
वीके/एए (रॉयटर्स, एपी)
Source: DW












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