Mahakal मंदिर में नई व्यवस्था, दर्शन में लग रहा कितना समय, जानिए?
उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन हेतु आने वाले भक्तों को भीड़ होने पर भी बहुत कम समय में भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन प्राप्त हो रहे है।

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धार्मिक नगरी उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम एवं प्रशासक संदीप सोनी के अथक प्रयासों से श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन हेतु आने वाले भक्तों को भीड़ होने पर भी बहुत कम समय में भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन प्राप्त हो रहे है। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक संदीप सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि, मंदिर समिति द्वारा लगातार न सिर्फ दर्शनार्थीगण के आसान दर्शन हेतु प्रयास किये जा रहे हैं अपितु मंदिर की व्यवस्थाओं को आधुनिक स्वरूप से समृद्ध भी कर रहे हैं।
कुछ ऐसी है व्यवस्था
श्री महाकालेश्वर मंदिर में गत दिवस शनिवार व रविवार को 3 लाख से अधिक भक्तों ने भगवान के दर्शन किए। दर्शनार्थी महाकाल लोक में मानसरोवर भवन से प्रवेश कर मानसरोवर के बैरिकेट्स से, फेसिलिटी सेंटर 1 एवं 2 से लाइन में लगकर, मंदिर परिसर से होते हुए गणपति मंडपम के बैरिकेट्स से दर्शन कर रहे है। इस दौरान भक्तों को कुल 20 से 25 मिनिट का समय लग रहा है, जिससे दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालु से प्रसन्नचित्त महसूस कर रहे हैं। साथ ही दिव्यांग जन एवं वृद्धजन आदि हेतु निशुल्क व्हीलचेयर कि सुविधा होने से वे सभी इस व्यवस्था से लाभांवित रहे है। मंदिर प्रबंध समिति द्वारा गर्मी को देखते हुए दर्शनार्थियों हेतु जल व्यवस्था, सभी हाल में हवा हेतु कूलर, पंखे और मेटिंग व धूप से बचने के लिए टेंट आदि की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
महाकाल लोक में ऐसी व्यवस्था
महाकाल लोक के आकर्षण से बंधा न केवल देश प्रदेश बल्कि विश्व के अनेकों स्थानों से भगवान महाकाल के दर्शन करने और महाकाल लोक को देखने के लिये हजारों दर्शनार्थी उज्जैन पहुंच रहे हैं। महाकाल लोक की मूर्तिकलाओं व लैंड स्केपिंग को देखने के बाद जैसे ही भगवान श्री महाकालेश्वर में दर्शन के लिये दर्शनार्थी आगे बढ़ते हैं, मन्दिर समिति द्वारा बनाया गया मानसरोवर भवन उनका स्वागत करता है। यह भवन किसी सरोवर की ही तरह शीतलता लिये हुए यात्रियों की सुविधा के लिये बनाया गया है। 70 हजार वर्गफीट में निर्मित यह भवन चार हजार व्यक्तियों की क्षमता लिये हुए निरन्तर दर्शनार्थियों की सेवा में रत है। यहां पर 45 शौचालय पुरूषों के लिये व इतने ही महिलाओं के लिये बनाये गये हैं। इनकी दिन-रात मन्दिर समिति के कर्मचारी साफ-सफाई करते हैं।
1500 लॉकर की सुविधा विकसित
यही नहीं भवन में 6 हजार मोबाइल लॉकर, छह हजार जोड़ी जूते एवं अन्य कीमती सामान के लिये 1500 लॉकर की सुविधा विकसित की गई है। पूर्व में भस्म आरती के लिये आने वाले दर्शनार्थियों को खुले में बैठना पड़ता था, किन्तु यहां पर अब दर्शनार्थियों के बैठने की व्यवस्था भी की गई है। भवन का निर्माण बहुत ही आकर्षक एवं सुन्दरता को ध्यान में रखकर किया गया है। भवन के बाहर की ओर स्टोन क्लेडिंग से कार्य कराये गये हैं और लाईटिंग लगाई गई है, जो कि भवन की सुन्दरता को और अधिक निखारता है। भवन का निर्माण मन्दिर समिति द्वारा प्रदत्त 21 करोड़ रुपये की राशि द्वारा उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा किया गया है।
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