Ujjain news: पतंगबाजी के शौकीन रहें सावधान, चाइना डोर को लेकर प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला
(संवाद सूत्र: उज्जैन से विमल बैंडवाल)
धार्मिक नगरी उज्जैन में मकर संक्रांति के पर्व पर पतंगबाजी का अपना अलग महत्व होता है, जहां पतंगबाजी करने देश और दुनिया से लोग धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचते हैं। धार्मिक नगरी उज्जैन में पतंगबाजी बेहद प्राचीन परंपरा है। यही कारण है कि, यहां मकर संक्रांति के पर्व पर पतंगबाजी की जाती है, लेकिन अक्सर पतंग बाजों द्वारा चाइना की डोर का उपयोग किया जाता है, जिससे पशु पक्षियों को नुकसान होने की संभावना अधिक रहती है।
इसे ध्यान में रखते हुए लगातार पिछले कई सालों से मकर संक्रांति के पर्व पर चाइना डोर प्रतिबंधित कर दी जाती है, जहां अबकी बार भी चाइना डोर प्रतिबंधित कर दी गई है। धार्मिक नगरी उज्जैन में पतंगबाजी बेहद प्राचीन परंपरा है।

उज्जैन में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुमार पुरुषोत्तम ने पतंगबाजी के दौरान उज्जैन जिले में मानव या पशु-पक्षियों के जीवन की सुरक्षा बनाये रखने और दुर्घटनाओं की रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए दंड प्रक्रिया संहिता-1973 की धारा-144 के अन्तर्गत जन-सामान्य के हित, जान-माल की रक्षा और लोकशान्ति बनाये रखने के लिये सम्पूर्ण उज्जैन जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये हैं।
आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति पतंगबाजी में न तो नायलॉन डोर (चाईना डोर) का निर्माण करेगा, न ही क्रय-विक्रय करेगा, न ही उपयोग करेगा और न ही उसका भण्डारण करेगा। साथ ही मकर संक्रांति पर पतंगबाजी हेतु ऐसी डोर का क्रय-विक्रय व निर्माण किया जाये, जिससे किसी भी व्यक्ति/पशु/पक्षियों को किसी भी प्रकार की शारीरिक क्षति न हो। उक्त आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा। यह आदेश आगामी दो माह की अवधि तक प्रभावशील रहेगा। पतंगबाजी करने देश और दुनिया से लोग धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचते हैं। धार्मिक नगरी उज्जैन में पतंगबाजी बेहद प्राचीन परंपरा है।
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