WBC: भारत को सोना दिलाने वाली नीतू के पापा हैं विधानसभा कर्मचारी, बेटी के लिए लोन पर खरीदी थी भैंस
World Boxing Championship: मुक्केबाज नीतू घणघस ने 45 से 48 किलोग्राम भारवर्ग में मंगोलियाई पहलवान को हराकर स्वर्ण पदक जीता है।

Golden Girl Nitu Ghanghas Profile: महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में आज भारत की बेटी ने कमाल किया है। उन्होंने मंगोलिया की लुत्साइखान को रोमांचक मुकाबले में हराकर देश को गोल्ड दिलाया है। नीतू की इस जीत पर पूरा भारत खुशी से झूम रहा है। इस वक्त हरियाणा की 22 साल की नीतू घणघस सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। पूरा देश अपनी इस बेटी पर गर्व महसूस कर रहा है।

कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता था सोना
गौरतलब है कि बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भी नीतू ने फाइनल में इंग्लैंड की बॉक्सर को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता था। आज देश की शान बनी नीतू ने यहां तक का सफर काफी मेहनत और संघर्ष से तय किया है।
नीतू के घरवालों ने उनका पूरा सपोर्ट किया
19 अक्टूबर 2000 को हरियाणा के भिवानी के धनाना गांव में जन्मी नीतू को भी बचपन में लोगों के उलाहने सहने पड़े थे क्योंकि वो उस खेल को पसंद करती थीं, जिसे आम तौर पर महिलाएं नहीं खेलती हैं। लड़कों वाले खेल को खेलने की वजह से वो और उनका परिवार कई बार परिहास का कारण भी बना लेकिन नीतू के घरवालों ने उनका पूरा सपोर्ट किया।

नीतू के पिता विधानसभा के कर्मचारी
मालूम हो कि नीतू भारतीय मुक्केबाज विजेंदर सिंह को अपना आदर्श मानती आई हैं और वो उन्हें बचपन से खेलते हुए देख रही हैं। गौर करने वाली बात ये है कि इंडियन स्टार विजेंदर सिंह भी भिवानी से ही आते हैं। नीतू के पिता जय भगवान हरियाणा विधानसभा के कर्मचारी हैं, जिन्होंने अपनी बेटी के सपने को पूरा करने के लिए अपनी नौकरी को भी दांव पर लगा दिया था।

पूरे देश का सीना चौड़ा कर दिया
दरअसल नीतू की ट्रेनिंग और मुक्केबाजी की चलते उनके पिता को कई बार छुट्टी लेनी पड़ती थी, जिसकी वजह से विभाग के लोग उनसे नाराज रहते थे। उनकी सैलरी काट दी जाती थी एक बार उन पर विभागीय जांच भी बिठा दी गई थी लेकिन जब CWG में नीतू ने सोना जीता तो सभी ने जय भगवान को दिल खोलकर बधाई दी थी, जिस पर जय ने कहा था कि आज मेरी बेटी ने मेरा ही नहीं पूरे देश का सीना चौड़ा कर दिया।

भैंस को लोन पर लिया
सीमित संसाधन होने के बावजूद नीतू के खाने-पीने और उनके आहार का पूरा ध्यान उनके मां-पिता ने रखा था। आपको जानकर हैरत होगी कि बेटी को पूरा पोषण मिले इसके लिए उनके घर वालों ने एक भैंस को लोन पर लिया था, जिससे कि नीतू को शुद्ध दूध मिल सके।
हरियाणा की मैरिकॉम
आज नीतू लोगों के लिए आदर्श बन चुकी हैं, वो हरियाणा की मैरिकॉम कहलाती हैं, खास बात ये है कि cwg के ट्रायल बाउट में मैरीकॉम को हराकर ही उन्होंने अपने पहले कॉमनवेल्थ खेलों का टिकट कटवाया था।
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