Paris Olympics: कौन है वह खिलाड़ी जिसने भारत के लिए जीते सबसे ज्यादा ओलंपिक मेडल?
ओलंपिक में भारत ने समय के साथ तरक्की की है। टोक्यो ओलंपिक में भारत ने कुल सात पदक जीते थे, इनमें नीरज चोपड़ा का गोल्ड मेडल भी शामिल था। उन्होंने जैवेलिन थ्रो में गोल्ड हासिल किया था। इससे भारतीय एथलीटों ने नये जोश का संचार हुआ।
इससे पहले भारत से महज एक ही इंसान (अभिनव बिंद्रा) ने व्यक्तिगत गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया था। सिल्वर और ब्रोंज मेडल पर अधिकार जमाने वाले कई खिलाड़ी पहले भी रहे हैं। टीम स्पर्धा में भारत के लिए कई खिलाड़ियों ने पदक हासिल किया है।

उधम सिंह और लेस्ली क्लॉडियस भारत के टॉप ओलंपिक पदक विजेता हैं, दोनों ने पुरुष हॉकी में चार पदक जीते हैं। व्यक्तिगत खेलों में नॉर्मन प्रिचर्ड ने 1900 ओलंपिक में (बाधा दौड़ में) दो रजत पदक के साथ रिकॉर्ड बनाया था। पुरुष हॉकी में भारत का स्वर्णिम काल 1928 से 1980 तक चला, इस दौरान देश ने 12 ओलंपिक खेलों में 11 पदक जीते। यह अवधि भारतीय खेल इतिहास में सबसे ज्यादा चर्चित है।
कुल मिलाकर, भारत ने 35 ओलंपिक पदक जीते हैं, जिनमें से 12 टीम स्पर्धा से आए हैं। कुल 134 भारतीय एथलीटों ने व्यक्तिगत रूप से या टीम के हिस्से के रूप में पदक जीते हैं। उनमें से 37 ने टीम स्पर्धाओं में कई पदक हासिल किए हैं, जबकि तीन ने व्यक्तिगत रूप से यह उपलब्धि हासिल की है।
पीवी सिंधु पहले ही दो ओलंपिक पदक जीत चुकी हैं: 2016 में रजत और 2020 में कांस्य। अब उनके पास आगामी पेरिस खेलों में प्रिचर्ड के रिकॉर्ड को पार करने का मौका है। नीरज चोपड़ा अगर इस ओलंपिक में मेडल जीत लेते हैं, तो नॉर्मन प्रिचर्ड की बराबरी कर लेंगे। भारत के लिए ज्यादातर पदक हॉकी में ही आए हैं लेकिन वह टीम स्पर्धा थी इसलिए यहाँ व्यक्तिगत पदक की बात की गई है। नीरज चोपड़ा की तरह मीराबाई चानू भी प्रिचर्ड की बराबरी कर सकती हैं लेकिन प्रिचर्ड के कीर्तिमान को पार करने का मौका सिन्धु के पास है।












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