Rani Rampal Marriage: हॉकी की 'रानी' का राजा कौन? इस जाति के दूल्हे से शादी रचाकर दिखाए Flaunt तेवर!
Rani Rampal Marriage: भारतीय हॉकी की दिग्गज खिलाड़ी और टीम की पूर्व कप्तान रानी रामपाल शादी की बंधन में बंध गई हैं। रविवार यानी 2 नवंबर को रानी रामपाल ने अपने मंगेतर सीए पंकज सरोहा के साथ शादी रचा ली। इस खुशी के मौके पर उनके परिवार और करीबी दोस्त मौजूद थे। शादी के दो दिन बाद भी फैंस इस कपल को बधाइयां देने का काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर लगातार दुल्हन के जोड़े में रानी रामपाल की तस्वीरें वायरल हो रही है।
रानी रामपाल ने रचाई शादी (Rani Rampal Marriage)
रानी रामपाल भारत की सबसे पॉपुलर महिला एथलीटों में से एक हैं। उन्होंने भारतीय महिला हॉकी टीम को वैश्विक मंच पर कई ऐतिहासिक सफलताएं दिलाई हैं। उनके पति पंकज सरोहा पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) हैं। इन दोनों ने कुरुक्षेत्र में हिंदू रीति-रिवाज से अरेंज मैरिज की है। इस शादी में कई खिलाड़ी, राजनेता से लेकर बॉलीवुड तक के कलाकारों को भी न्योता भेजा गया था।

किस जाति के हैं रानी रामपाल के दुल्हे (Rani Rampal husband caste)
पद्मश्री रानी रामपाल की जात की बात करें तो वह जाट समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। अरेंज मैरिज करने वाले पंकज की जाति भी जाट ही है। इन दोनों के बारे में फैंस अधिक से अधिक जानकारी हासिल करने के लिए बेताब दिखाई दे रहे हैं। यही वजह है कि गूगल पर रानी रामपाल से जुड़े कई तरह के कीवर्ड को सर्च किए जा रहे हैं। बता दें कि शादी से करीब 2 महीने पहले रानी रामपाल ने कुरुक्षेत्र के पंकज के साथ इंगेजमेंट की थी।
रानी के पिता चलाते थे तांगा
रानी रामपाल की सफलता की कहानी उनके पिता के संघर्ष और मेहनत से शुरू होती है। रानी के पिता एक समय तांगा (घोड़ागाड़ी) चलाते थे। हॉकी खिलाड़ियों को आते-जाते देखकर ही उनके मन में अपनी बेटी को खिलाड़ी बनाने की इच्छा जागी। उन्होंने 6 साल की बेटी रानी को कोच बलदेव सिंह के पास हॉकी के मैदान पर छोड़ दिया, और यहीं से रानी के शानदार करियर की शुरुआत हुई।
14 साल में ही किया डेब्यू और मिली बड़ी सफलताएं
रानी रामपाल ने महज़ 14 साल की उम्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू किया था। वह इस स्तर पर डेब्यू करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनी। वह 2010 महिला विश्व कप में भी सबसे कम उम्र की खिलाड़ी थीं। रानी की कप्तानी में भारतीय महिला हॉकी टीम ने टोक्यो 2020 ओलंपिक्स में चौथा स्थान हासिल किया। ये ओलंपिक्स में टीम का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। रानी को उनके शानदार योगदान के लिए अर्जुन और भीम पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
जूनियर महिला टीम में मिली कोच की भूमिका
टोक्यो ओलंपिक्स के बाद रानी रामपाल टीम से बाहर हो गईं। इस दौरान वह चोट से जूझ रही थीं और कोच जेनेके शॉपमैन के साथ भी उनके रिश्तों में कड़वाहट की ख़बरें थीं। 2022 में राष्ट्रीय खेलों में 6 मैचों में 18 गोल करने के बावजूद वह टीम में वापसी नहीं कर पाईं। पिछले साल रानी रामपाल को जूनियर महिला टीम का कोच बनाया गया। एक साल बाद, उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय हॉकी से संन्यास की घोषणा कर दी। मौजूदा समय में रानी रामपाल सरकारी हॉकी नर्सरी, पटियाला में खिलाड़ियों को कोचिंग देती हैं।












Click it and Unblock the Notifications