आबादी सबसे ज्यादा फिर भी ओलंपिक मेडल के लिए तरस रहा है भारत, चीन लगा रहा पदकों की ढेर, जानें कैसे
Paris 2024 Olympics, Latest News: पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने एक सिल्वर और पांच ब्रॉन्ज मेडल जीतने में कामयाबी हासिल की। इस परिणाम ने भारत को मेडल टैली में 71वें स्थान पर पहुंचा दिया। पिछले 24 सालों में भारत केवल दो गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहा है। साल 2008 के ओलंपिक में अभिनव बिंद्रा ने यह कमाल किया था।
अब तक भारत ने जीते कुल 41 मेडल
जबकि साल 2021 में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीतने में सफलता हासिल की थी। देश के कुल ओलंपिक मेडलों की संख्या 41 है, जो अमेरिकी तैराक माइकल फेल्प्स से भी कम है। माइकल फेल्प्स ने अकेले ही इससे अधिक मेडल जीते हैं। विनेश फोगट जैसे ओलंपिक एथलीटों पर सरकार का खर्च अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है।

चीन से सीखने की जरूरत
भारत को चीन से सीखने की जरूरत है, चीन ने साल 1980 में पहली बार ओलंपिक में भाग लिया था। इसके बाद से ही चीन के एथलीट ओलंपिक में मेडल की बरसात कर रहे हैं। पेरिस ओलंपिक में भी चीन दूसरा सबसे अधिक मेडल जीतने वाला देश रहा।
चीन में बचपन से ही शुरू हो जाती है ओलंपिक की तैयारी
चीन के स्कूलों में बचपन से बच्चों को ओलंपिक के लिए ट्रेनिंग देने के सिलसिला शुरू कर दिया जाता है। चीन में करीब एक लाख 70 हजार मल्टी स्पोर्ट्स स्टेडियम हैं। जबकि भारत में लगभग एक हजार स्टेडियम हैं , उनमें से अधिकतर क्रिकेट के लिए ही समर्पित है। इसके अलावा भारत में खेलों में सबसे अधिक बढ़ावा क्रिकेट को ही मिलता रहा है।
महिलाओं की भागेदारी अहम
चीन में मेडल लाने वाले खिलाड़ियों में महिला एथलीट की भी अहम संख्या है। लेकिन भारत में महिलाओं के लिए खेल-कूद में करियर बनाना सही नहीं माना जाता है। देश के अधिकतर लोगों की सोच अभी भी महिलाओं की खेलों में भागीदारी नहीं लेने को लेकर है। महिलाओं को खेल में आगे बढ़ने का मौका भारत के मुकाबले चीन में कई गुना अधिक है।












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