केरल के पहले ओलंपिक हॉकी पदक विजेता मैनुअल फ्रेडरिक का निधन, खेल जगत में शोक की लहर
Manuel Frederick: भारत के पूर्व हॉकी गोलकीपर मैनुअल फ्रेडरिक का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। 78 वर्षीय फ्रेडरिक बेंगलुरु के एक अस्पताल में कैंसर का इलाज करा रहे थे। वे केरल के पहले खिलाड़ी थे जिन्होंने ओलंपिक में हॉकी पदक जीता था।
फ्रेडरिक कन्नूर जिले के रहने वाले थे और 1972 के म्यूनिख ओलंपिक में भारतीय टीम के गोलकीपर रहे। उस टूर्नामेंट में भारत ने हॉलैंड को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया था।

उन्होंने भारतीय टीम के लिए लगभग सात वर्षों तक खेला और देश को कई अहम जीत दिलाईं। उनकी गिनती भारत के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपरों में होती थी। खेल में योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2019 में ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
मैनुअल फ्रेडरिक ने न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बल्कि घरेलू टूर्नामेंटों में भी भारत को गौरवान्वित किया। उन्होंने 16 राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में टीम को टाईब्रेकर में जीत दिलाने का शानदार कारनामा किया था। उनके निधन से भारतीय हॉकी जगत में शोक की लहर है। खेल प्रेमी और पूर्व खिलाड़ी उन्हें एक शांत, समर्पित और प्रेरणादायी गोलकीपर के रूप में हमेशा याद करेंगे।
फ्रेडरिक का जन्म 20 अक्टूबर 1947 को कन्नूर (केरल) में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फुटबॉल में बतौर स्ट्राइकर की थी, लेकिन बाद में हॉकी में गोलकीपर बने। हॉकी में उनका सफर सेंट माइकल्स स्कूल टीम (कन्नूर) से शुरू हुआ, जहां से उन्होंने अपने शानदार खेल से सबका ध्यान खींचा।












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