Jaspal Rana को डिस्चार्ज करने वाले थे डॉक्टर, फिर अचानक क्या हुआ? मौत की असली वजह का हुआ खुलासा
Jaspal Rana Death Reason: महान निशानेबाज और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच जसपाल राणा के अचानक हुए निधन से पूरा देश स्तब्ध है। अब उनकी मृत्यु को लेकर साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के डॉक्टरों ने बड़ा खुलासा किया है। अस्पताल के ग्रुप चेयरमैन (कार्डियक साइंसेज) डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि जसपाल राणा की मौत 'कार्डियक रप्चर' (हृदय की दीवार या अंदरूनी संरचना का फट जाना) के कारण हुई है।
स्वास्थ्य में आ गया था काफी सुधार (Jaspal Rana Death Reason)
राहत की बात यह थी कि उनके स्वास्थ्य में काफी सुधार हो चुका था और उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने की तैयारी चल रही थी। लेकिन शुक्रवार सुबह नींद के दौरान ही यह दुखद हादसा हो गया। यह मामला इस बात का बड़ा उदाहरण है कि हार्ट अटैक के लक्षणों को नजरअंदाज करना कितना जानलेवा साबित हो सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक जसपाल राणा को भारत आने से पहले ही जर्मनी के म्यूनिख में एक मैसिव (तीव्र) हार्ट अटैक आ चुका था, लेकिन वे इसके बावजूद लगातार काम करते रहे।

लगातार दर्द के बावजूद करते रहे सफर
जर्मनी में आयोजित आईएसएसएफ (ISSF) वर्ल्ड कप के दौरान ही जसपाल राणा को सीने में लगातार दर्द की शिकायत थी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी कप्तानी और कोचिंग की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी और म्यूनिख से भारत तक की लंबी हवाई यात्रा भी की। दिल्ली के मैक्स अस्पताल में जब उनकी जांच की गई, तो मेडिकल रिपोर्ट में पाया गया कि हार्ट अटैक के लिए जिम्मेदार उनकी मुख्य धमनी पूरी तरह से ब्लॉक (बंद) हो चुकी थी। समय पर इलाज न मिलने और लगातार शारीरिक गतिविधि के कारण उनके हृदय की पंपिंग क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हो चुकी थी, जिससे वे 'हार्ट फेल्योर' की स्थिति में पहुंच गए थे।
क्या होता है 'कार्डियक रप्चर', जिससे गई जान?
डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, जब किसी मरीज को बड़ा हार्ट अटैक आता है और उसे सही समय पर (देर से) इलाज मिलता है, तो दिल का वह हिस्सा खून की कमी के कारण बेहद कमजोर हो जाता है। ऐसी स्थिति में 'कार्डियक रप्चर' का खतरा बढ़ जाता है। यह एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा स्थिति है, जिसमें हृदय की दीवार, वाल्व या उसकी अंदरूनी नसें अचानक फट जाती हैं। जसपाल राणा के मामले में भी शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे नींद के दौरान अचानक दिल की दीवार फट गई, जिससे उनकी तत्काल मृत्यु हो गई।
खेल जगत के सुपर गुरु का सफर थमा
म्यूनिख वर्ल्ड कप में भारतीय निशानेबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी। दिल्ली लैंड करते ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कर स्टेंट भी डाले गए थे, जिससे उनकी हालत में सुधार हो रहा था। 49 वर्षीय जसपाल राणा वर्तमान में भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में काम कर रहे थे। उनकी देखरेख में ही मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में दो मेडल जीते थे। खेल विज्ञान के डॉक्टर अब इस घटना के बाद एथलीटों और आम लोगों को हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की अपील कर रहे हैं।















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