Hockey India: हॉकी इंडिया ने उठाया बड़ा कदम, सरदार सिंह और रानी रामपाल को बनाया सब-जूनियर टीमों का मुख्य कोच
Hockey India: हॉकी इंडिया ने गुरुवार, 10 अगस्त को सरदार सिंह को सब-जूनियर खिलाड़ियों की टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया है, जबकि रानी रामपाल को सब-जूनियर महिला खिलाड़ियों की टीम का मुख्य कोच घोषित किया है। खेल की संचालन संस्था ने 100वीं कार्यकारी बोर्ड की बैठक के बाद यह निर्णय लिया है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप तिर्की (Dilip Tirkey) के हवाले से कहा गया कि, 'मैं आज हॉकी इंडिया की 100वीं कार्यकारी बोर्ड बैठक में उपस्थित होकर बहुत खुश और सम्मानित महसूस कर रहा हूं।'

उन्होंने कहा कि, 'यह सभा उस खेल के प्रति अटूट समर्पण की एक सदी का प्रतिनिधित्व करती है जिसे हम प्यार करते हैं। आज, एफआईएच अध्यक्ष दातो तैयब इकराम और एएचएफ अध्यक्ष फुमियो ओगुरा जैसे सम्मानित लिडर के साथ, हम वैश्विक सहयोग और सामान्य लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।'
भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी कर चुके हैं सरदार सिंह
सरदार सिंह भारतीय हॉकी टीम के लिए 2008 से लेकर 2016 तक आठ वर्षों तक कप्तानी कर चुके हैं। इन्हें सरदारा सिंह के नाम से भी जाना जाता है। सरदार मिडफील्डर के स्थान पर खेलते थे। भारत सरकार ने साल 2012 में सरदार को अर्जुन पुरस्कार से और 2015 में पद्म श्री से सम्मानित किया था। हॉकी टीम को एक लंबा वक्त देने के बाद सिंह ने साल 2018 में संन्यास ले लिया था।
हॉकी की 'रानी' के नाम से जानी जाती हैं रानी रामपाल
वहीं रानी रामपाल को हॉकी की 'रानी' के नाम से जाना जाता है। रानी साल 2010 विश्व कप में भाग लेने वाली भारतीय हॉकी टीम की वे सबसे कम उम्र की (15 वर्ष) खिलाड़ी थीं। भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रह चुकी रानी ने 14 साल की उम्र में अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेला। इसके बाद 2010 में 15 की उम्र में वो महिला विश्व कप में सबसे युवा खिलाड़ी बनीं।
उन्होंने 2009 में एशिया कप के दौरान भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वह 2010 के राष्ट्रमंडल खेल और 2010 के एशियाई खेल के दौरान भारतीय टीम का हिस्सा थीं। 2013 में जूनियर महिला हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीता।












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