Exclusive: 'श्रीजेश पाजी को मेडल पहनाकर ही भेजना चाहते थे,' जरमनप्रीत ने भारत आने पर किया बड़ा खुलासा
Exclusive Interview: भारतीय हॉकी टीम ने लगातार दूसरी बार ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर देश को फिर से गौरवान्वित होने का मौका दिया है। टीम के कुछ खिलाड़ी जब भारत पहुंचे, तो दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने वालों की भीड़ देखने को मिली। हालांकि टीम के कुछ सदस्य अभी पेरिस में ही हैं।
मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में भारतीय हॉकी टीम ने मीडिया से बातचीत की। इनमें मजबूत डिफेंडर जरमनप्रीत सिंह भी शामिल थे। वनइंडिया के साथ विशेष बातचीत में जरमनप्रीत सिंह ने टीम की जीत और रणनीति सहित तमाम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गोलकीपर पीआर श्रीजेश के संन्यास पर भी बात की।

भारतीय टीम सेमीफाइनल में जर्मनी के खिलाफ मुकाबला हार गई थी लेकिन इसके बाद स्पेन के खिलाफ हुए कांस्य पदक मुकाबले में धमाका करते हुए भारतीय टीम ने कमाल कर दिया और देश को झूमने का मौका दिया।
जरमनप्रीत ने कहा "टीम ने लगातार दूसरी बार ओलंपिक में कांस्य पदक हासिल किया है और यह कड़ी मेहनत की बदौलत ही संभव हो पाया है। टीम के हर खिलाड़ी का हार्ड वर्क ओलंपिक में काम आया तब जीत दर्ज करते हुए मेडल हासिल कर पाए।
भारतीय टीम के दिग्गज गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने ओलंपिक में कांस्य पदक मुकाबला खेलने के साथ ही अब हॉकी को अलविदा कह दिया है। भारत के लिए उन्होंने दीवार की तरह खड़े रहकर काम किया और विपक्षी प्लेयर्स के शॉट को रोकने का काम किया। जरमन ने उनको लीजेंड कहा।
उन्होंने कहा "इस जीत में श्री पाजी का काफी बड़ा रोल है, वह इस गेम के लीजेंड हैं। श्री पाजी का यह अंतिम गेम था और हम उनको जीत का गिफ्ट देकर ही भेजना चाहते थे। हमारे लिए ख़ुशी की बात भी थी और इसके साथ भावुक भी थे लेकिन श्री पाजी को मेडलिस्ट के रूप में रिटायर होकर जाने देना चाहते थे। उनको आगे के लिए मेरी शुभकामनाएँ।
क्वार्टर फाइनल मैच में भारत का मुकाबला ग्रेट ब्रिटेन से था और अमित रोहिदास को रेड कार्ड दिखाते हुए मैच से बाहर कर दिया गया था। उस निर्णय पर देश भर में फैन्स की नाराजगी देखने को मिली थी। उस समय की रणनीति और माहौल पर जरमन ने कहा कि हमने बाद में धमाल मचा दिया था।
जरमन ने कहा "हमने भी सोचा नहीं था कि अमित को इस तरह रेड कार्ड दिया जाएगा लेकिन उस घटना के बाद टीम ने काफी एकजुट होकर बेहतरीन गेम खेला और अंत में इंग्लैंड को हराते हुए हम अगले चरण में चले गए। टीम के कप्तान (हरमनप्रीत) हमारे सरपंच साहब तो बिलकुल सरपंचों की तरह ही है।"












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