खेल जगत में 'जेंडर' को लेकर कब-कब हुआ विवाद, भारतीय खिलाड़ी दुती चंद और शांति सुंदरराजन पर भी उठे थे सवाल

Gender Issues in Sports: पेरिस ओलंपिक 2024 में के एक बॉक्सिंग मुकाबले में खेल जगत में 'जेंडर' विवाद को छेड़ दिया है। पेरिस ओलंपिक में 1 अगस्त को अल्जीरिया की महिला बॉक्सर ईमान खलीफ और इटली की एंजेला करीनी के बीच मुकाबला खेला गया। महज 46 सेकेंड में इटली की बॉक्सर एजेंला करिनी मुकाबले को छोड़ दिया कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में इतना जोरदार पंच कभी नहीं खाया है। वो अपनी जान बचा कर वापस आई हैं

इस मैच के बाद अल्जीरिया की महिला बॉक्सर ईमान खलीफ पर आरोप लगे हैं कि वो एक पुरुष हैं और महिलाओं के साथ मुकाबला कर रही हैं। इस मामले पर एलन मस्क, लेखिका जेके रोलिंग, इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी समेत कई दिग्गजों ने इस पर अपनी राय रखी। पेरिस ओलंपिक की थीम इस बार जेंडर न्यूट्रल है लेकिन अब इसी पर सवाल उठ रहे हैं।

Gender Issues in Sports

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सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि ईमान खलीफ में टेस्टोस्टेरोन का लेवल हाई है और ये हार्मोन पुरुषों में पाया जाता है और इसलिए इनका महिलाओं के साथ प्रतियोगिता करना गलत है। जियोर्जिया मेलोनी ने भी ऐसी ही बात कही है। ईमान 2023 विश्व चैंपियनशिप में डिस्क्वालिफाई भी कर दिया गया था क्योंकि वह जेंडर टेस्ट में फेल हो गई थीं।

खेल जगत में जेंडर (लिंग) को लेकर विवाद पहले भी कई बार हो चुका है। आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत की दो खिलाड़ी दुती चंद और शांति सुंदरराजन के जेंडर को लेकर भी पहले विवाद हो चुके हैं। आइए जानें खेल जगत में जेंडर को लेकर कब-कब विवाद हुआ है?

1. दुती चंद की जेंडर पर विवाद

भारतीय स्प्रिंटर दुती चंद को पहला नेशनल लेवल मेडल 2007 में मिला था। 2013 में एशियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मिला है। दुती चंद जूनियर विश्व चैंपियनशिप में जब हिस्सा लेने तुर्की गई थीं तो वहां उन्होंने मेडल जीता था लेकिन मेडल जीतने के बाद लोगों का उनको लेकर नजरिया बदलने लगा था।

दुती चंद की को लेकर विवाद तब हुआ था, जब 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों में उनका नाम भारतीय दल से हटा दिया गया था। उस वक्त भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन ने कहा था कि दुती चंद के शरीर में टेस्टोस्टेरोन की ज्यादा मात्रा पाई गई है। इसी वजह से उनके महिला खिलाड़ी के तौर पर हिस्सा लेने पर रोक लगा दी गई थी।

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हालांकि दुती चंद ने साल 2015 इसके खिलाफ कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स में अपील खी थी। वो इस वक्त केस जीत गई थीं। जिसके बाद दुती ने 2017 की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दो ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।

दुती चंद ने डोप टेस्ट में भी फेल हुई थीं। उन पर 3 जनवरी 2023 से 4 साल का बैन लगाया गया था। बता दें कि दुती चंद समलैंगिक रिश्ते को स्वीकार करने वाली पहली भारतीय एथलीट हैं।

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2. शांति सुंदरराजन की जेंडर पर विवाद

भारत की शांति सुंदरराजन जेंडर टेस्ट में फेल हुई थीं। शांति सुंदरराजन से इसलिए 2006 के एशियाई खेलों का जीता हुआ ब्रॉन्ज मेडल छीन लिया गया था। शांति सुंदरराजन ने साल 2006 के दोहा एशियाड में 800 मीटर दौड़ में ये मेडल जीता था।

शांति सुंदरराजन के जेंडर टेस्ट में फेल होने के बाद से एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उन पर किसी भी इवेंट में हिस्सा लेने पर पाबंदी लगा दी थी।

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शांति सुंदरराजन को लेकर कहा गया था कि उनमें हाइपरएंड्रोनिजम पाया गया है, जिसकी वजह से महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन ज्यादा बनने लगता है। हालांकि तमिलनाडु सरकार ने शांति सुंदरराजन को नौकरी दे दी थी। शांति सुंदरराजन को तमिलनाडु स्पोर्ट्स डेवलेपमेंट अथॉरिटी का स्थायी कोच बनाया गया था।

3. लॉरेल हब्बार्ड जेंडर विवाद

न्यूजीलैंड की खिलाड़ी लॉरेल हब्बार्ड ओलंपिक में भाग लेने वाली पहली ट्रांसजेंडर एथलीट हैं। उनके जेंडर को लेकर काफी विवाद हुआ है। हालांकि टोक्यो 2020 के लिए विमेंस वेटलिफ्टिंग टीम में उनका चुनाव हुआ था। लेकिन 2013 में ट्रांसजेंडर के तौर पर दुनिया के सामने आने से पहले वो पुरुषों के साथ इवेंट्स में हिस्सा लेती थीं।

4. रेने रिचर्ड्स जेंडर विवाद

अमेरिका की रेने रिचर्ड्स प्रोफेशनल टेनिस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली अमेरिका की पहली महिला ट्रांसजेंडर थीं। 1977 के यूएस ओपन में जब वह खेलने आई तो, हर तरफ छा गई थीं।

हालांकि रेने का जन्म के पुरुष के तौर पर हुआ था। रेने ने यूएस ओपन में पुरुष के तौर पर कई बार खेला था। रेने शादीशुदा थीं और एक बच्चे की पिता थीं, लेकिन वह हमेशा से अपने अंदर महिला और पुरुष दोनों भावों को महसूस करती थीं। फिर 1975 में 40 साल की उम्र में रेने ने अपना जेंडर चेंज करवा लिया था।

1976 में एक इंटरव्यू के दौरान रेने ने दुनिया को बताया कि वह जन्म से एक पुरुष थीं और अतीत में पुरुष के तौर पर प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती थीं। उस वक्त रेने के जेंडर को लेकर खूब विवाद हुआ था। लोगों ने कहा था कि इनका महिला के साथ खेलना गलत है।

5. कैस्टर सेमेन्या जेंडर विवाद

दक्षिण अफ्रीका की एथलीट कैस्टर सेमेन्या 800 मीटर दौड़ में दो बार की ओलंपियन रही हैं। लेकिन कैस्टर सेमेन्या के शरीर में टेस्टोस्टेरोन की अधिक मात्रा होने की वजह से वर्ल्ड एथलेटिक्स (डब्लूए) ने उन्हें बैन कर दिया था।

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