FIFA World Cup: 45 साल के राष्ट्रपति जो खेलते हैं फुटबॉल, फाइनल में खुद बढ़ाएंगे टीम का हौसला
फ्रांस और अर्जेंटीना के बीच फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल मैच होना है, फ़्रांस के राष्ट्रपति टीम की हौसला अफजाई के लिए मैच देखने कतर जाएंगे।

FIFA World Cup 2022: फुटबॉल दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल है और इस खेल के करोड़ों लोग दीवाने हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों भी इनमें एक हैं। वे फुटबॉल के खिलाड़ी रहे हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद भी फुटबॉल को लेकर उनका जुनून कम नहीं हुआ है। कतर में जब फ्रांस की टीम सेमीफाइनल के लिए मैदान में उतरी तो दर्शकदीर्घा में राष्ट्रपति मैक्रों भी बैठे थे। ये बिल्कुल अप्रत्याशित था। उन्होंने अपने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक बैठक तक छोड़ दी। जब सेमीफाइनल में फ्रांस ने मोरक्को को हरा दिया तो राष्ट्रपति मैक्रों किसी सामान्य प्रशंसक की तरह जोश में आ गये। उन्होंने कहा, मुझे अपने देश पर गर्व है। आज मैं बहुत खुश हूं। मैं चाहता हूं कि पूरा फ्रांस इस खुशी का मजा ले। वे फाइनल मैच देखने के लिए रविवार को भी कतर आएंगे। राष्ट्रपति मैक्रों चाहते हैं कि उनका देश फिर फुटबॉल का विश्वविजेता बने।
विश्वकप के लिए छोड़ दी अंतर्राष्ट्रीय बैठक
फ्रांस फुटबॉल का विश्वविजेता है और फिर फाइनल में पहुंचा है। एमैनुअल मैक्रों के लिए यह राष्ट्रीय गौरव का विषय है। फ्रांस विश्वकप फुटबॉल में इतिहास रचने से बस एक कदम दूर है। अगर वह विश्वकप जीत लेता है तो ब्राजील के बाद वह दूसरा देश होगा जिसने लगातार दो खिताब अपने नाम किये। इसलिए मैक्रों चाहते हैं कि वे स्टेडियम में मौजूद रह कर अपने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाएं। फिलहाल फुटबॉल ही उनकी प्राथमिकता है। तभी तो उन्होंने इसके लिए यूरोपीय संघ और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के नेताओं की बैठक छोड़ दी। यह बैठक ब्रुसेल्स में चल रही थी। राष्ट्रपति मैक्रों वहां गये भी। लेकिन फ्रांस का सेमीफाइनल मैच देखने के लिए उन्होंने यह बैठक बीच में छोड़ दी। फ्रांस के खिलाड़ी भी अपने राष्ट्रपति को दर्शकदीर्घा में बैठे देख कर जोश से भर गये। खिलाड़ियों के लिए यह बहुत सम्मान की बात थी। उनका राष्ट्रपति उनके साथ था। इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास दोगुना हो गया। तभी तो फ्रांस ने मोरक्को जैसी मजबूत टीम को 2-0 से हरा दिया।
विश्वकप मैच में जब दो देशों के राष्ट्रपति हो गये भावुक
2018 में भी जब फ्रांस ने फुटबॉल विश्वकप जीता था तब राष्ट्रपति मैक्रों अपनी टीम के साथ थे। इस मैच को देखने के लिए वे विशेष रूप से मास्को पहुंचे थे। फाइनल में फ्रांस का मुकाबला क्रोएशिया से था। क्रोएशिया की राष्ट्रपति कोलिंदा ग्रेबर कितारोविच भी उनके साथ ही बैठ कर यह मैच देख रही थीं। कोलिंदा सेना में कमांडो रही थीं। उन्होंने फुटबॉल भी खेला था। इसलिए उन्हें इस खेल से बहुत लगाव था। दर्शकदीर्घा में एक साथ बैठक कर इमैनुअल मैक्रों और कोलिंदा ग्रेबर अपनी-अपनी टीम के खिलाड़ियों का जोश बढ़ा रहे थे। तब कोलिंदा ग्रेबर ने कहा, मैं यहां राष्ट्रपति के रूप में मौजूद नहीं हूं। मैं फुटबॉल की अन्यतम प्रशंसक हूं और अपनी टीम को चीअर करने के लिए आयी हूं। जब क्रोएशिया कोई मूव बनाता तो कोलिंदा ग्रेबर खड़ा हो कर जोर जोर से चिल्लाने लगती थीं। फ्रांस ने आखिरकार यह फाइनल मैच 4-2 से जीत लिया। तब इमैनुअल मैक्रों किसी नौजवान प्रशंसक की तरह उछलने लगे और उत्साह में अपनी मुठ्ठियां हवा में लहराने लगे। दूसरी तरफ क्रोएशिया की राष्ट्रपति कोलिंदा ग्रेबर की आंखों से आंसू छलकने लगे। तब मैक्रों ने कोलिंदा को गले लगा कर हार की सांत्वना दी। यह एक अदभुत दृश्य था। दो देशों के राष्ट्रपति फुटबॉल के लोकर कितने भावुक हो गये थे।
आज भी फुटबॉल खेलते हैं राष्ट्रपति मैक्रों
एमैनुअल मैक्रों की उम्र अभी 45 साल है और वे फिजीकली फिट नेता हैं। इस उम्र में भी वे शौकिया फुटबॉल खेलते हैं। 2021 में फ्रांस के अस्पतालों में बच्चों के इलाज की सुविधा बढ़ाने के लिए एक मुहिम शुरू की गयी थी। इसके लिए फुटबॉल के चैरिटी मैच आयोजित किये गये थे। इस मैच में इमैनुअल मैक्रों स्ट्राइकर के रूप में खेलते नजर आये थे। तब उन्होंने अपनी ड्रिब्लिंग कला का भी प्रदर्शन किया था। उन्होंने पेनल्टी से एक गोल भी किया था। जाहिर है जो शख्स खुद फुटबॉल खेलता हो उसे इस इस खेल से बेपनाह मोहब्बत होगी ही। भले ही वह राष्ट्रपति क्यों न हो। अब राष्ट्रपति मैक्रों अपनी टीम को लगातार दूसरी बार विश्वविजेता बनाने के लिए एक बार फिर स्टेडियम में मौजूद होंगे।












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