Yashasvi Jaiswal की डबल सेंचुरी में पिता का बड़ा योगदान, मैदान पर उतरने से पहले बेटे को दिया था ये खास संदेश
Yashasvi Jaiswal Double-Century: भारत के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने विजाग में टेस्ट मैच के दूसरे दिन शानदार दोहरा शतक पूरा किया। 22 साल और 77 दिन की उम्र में क्रिकेटर ने 277 गेंदों में ये उपलब्धि अपने नाम की और पहली पारी में भारत को 396 के कुल स्कोर तक पहुंचाया।
जायसवाल के दोहरे शतक का जश्न देशभर में मनाया गया, लेकिन उत्तर प्रदेश के भदोही में जश्न का रंग कुछ अलग था, क्योंकि क्रिकेटर भदोही जनपद के सुरियावां के रहने वाले हैं। यशस्वी के शतक के बाद भदोही में फैंस ढोल-नगाढ़े के साथ जायसवाल के पिता भूपेंद्र की दुकान पर पहुंच गए।

जायसवाल के पिता ने मनाया बेटे के दोहरे शतक का जश्न
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, भूपेंद्र जायसवाल को आज के मैच को लेकर बेटे से काफी उम्मीद थीं, यशस्वी भी एकदम खरे उतरे। उनके पिता भदोही में दुकान पर बैठकर मोबाइल पर मैच देख रहे थे। जैसे ही जायसवाल ने दोहरा शतक लगाया दुकान के बाहर फैंस ने जमकर जश्न मनाया, और खूब पटाखे फोड़े।
मैच से पहले बेटे से कहा संभाल के खेलना
यशस्वी के पिता भूपेंद्र ने कहा कि, 'हम कहेंगे और अच्छा खेले, और भी रिकॉर्ड बनाएं। जैसे मेहनत करता आया है वैसे ही मेहनत करें और सफल रहे और भदोही जिले का नाम इसी तरह रोशन करें। पूरा सुरियावां नगर खुश है। मैच से पहले हमारी बात हुई थी हमने कहा था कि बहुत संभाल के खेलना।'
दरअसल, जायसवाल भारत की पहली पारी में भारत के लिए बेहतरीन बल्लेबाज थे। जायसवाल के बाद किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा दूसरा सबसे बड़ा स्कोर सिर्फ 34 रन था, जोकि शुभमन गिल के बल्ले से आया। जो काफी प्रभावशाली तो दिखे लेकिन अपनी पारी को बड़ी पारी में बदलने में असफल रहे। जायसवाल ने अपने दोहरे शतक के दौरान 18 चौके और 7 छक्के लगाए। इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में जायसवाल का हाईएस्ट स्कोर 171 रन था।
जायसवाल टेस्ट दोहरा शतक लगाने वाले चौथे बाएं हाथ के बल्लेबाज भी हैं। उनसे पहले विनोद कांबली, सौरव गांगुली और गौतम गंभीर ने यह उपलब्धि हासिल की थी। इसके साथ ही जायसवाल टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक बनाने वाले तीसरे सबसे युवा भारतीय बन गए। पूर्व बल्लेबाज, विनोद कांबली दोहरा शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बने हुए हैं, जब उन्होंने 1993 में वानखेड़े में इंग्लैंड के खिलाफ 21 साल और 32 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।
यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के दूसरे सबसे युवा बल्लेबाज सुनील गावस्कर हैं, जिन्होंने 21 साल और 277 दिन की उम्र में ये कारनामा किया था। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे कम उम्र के दोहरे शतकधारी जावेद मियांदाद हैं, जिन्होंने 19 साल और 140 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।












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