वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद क्या मिताली राज लेंगी संन्यास? सामने आया उनका जवाब
नई दिल्ली, 28 मार्च: 2022 आईसीसी महिला विश्व कप में भारत का अभियान रविवार को लीग चरण में अपने अंतिम मैच में दक्षिण अफ्रीका से हार के साथ समाप्त हो गया। कप्तान मिताली राज ने अर्धशतक लगाया लेकिन दक्षिण अफ्रीका की महिला टीम तीन विकेट से जीत दर्ज करने में सफल रही और भारतीय महिला टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। ऐसी अफवाहें जारी हैं कि विश्व कप भारत की खिलाड़ी के रूप में मिताली का अंतिम पड़ाव होगा, लेकिन अनुभवी बल्लेबाज ने भविष्य के लिए अपनी योजनाओं पर चुप्पी साध रखी है।

विश्व कप हार के बाद अब संन्यास?
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में, 39 वर्षीय मिताली से पूछा गया कि क्या विश्व कप से बाहर होने के बाद वे अब संन्यास की कगार पर हैं?
तो मिताली ने जवाब दिया, "मैंने वास्तव में भविष्य के बारे में बहुत अधिक योजना नहीं बनाई है। हमारे लिए, खिलाड़ियों और एथलीटों के रूप में, जब विश्व कप जैसी प्रतियोगिता में ऐसी निराशा का सामना करना पड़े तो सब भूलकर आगे बढ़ने में कुछ समय लगता है, क्योंकि आप इसके लिए बहुत कठिन मेहनत करते हैं जिसके बाद ऐसा टूर्नामेंट खेलकर मूव-ऑन करने में और भविष्य में जो भी छुपा है उसको स्वीकारने में कुछ समय लगता है।

क्या भारतीय जर्सी में मिताली को आखिरी बार देखा है?
एक रिपोर्टर द्वारा फिर से यह पूछे जाने पर कि क्या भारतीय जर्सी में हमने उन्हें आखिरी बार देखा है, तो उन्होंने कहा: "मेरे लिए उस पर कुछ भी कहना उचित नहीं होगा, जिस तरह का खेल हमने अभी खेला और जैसा कि मैंने कहा, भावनाएं अभी भी हैं। इसलिए जब दिमाग शांत रहेगा तब अधिक स्पष्टता आएगी और ऐसी बातों के बारे में जवाब दिया जाएगा।"
यह संभवत: भारत की एक और अनुभवी, झूलन गोस्वामी का भी आखिरी विश्व कप था। दुर्भाग्य से उन्हें दक्षिण अफ्रीका की महिलाओं के खिलाफ मैच से बाहर कर दिया गया था, क्योंकि झूलन को ट्रेनिंग में एक साइड स्ट्रेन का सामना करना पड़ा था।

मिताली राज ने झूलन गोस्वामी को मिस किया-
मिताली राज ने कहा कि भारत ने इतने कड़े विपक्ष के खिलाफ एक कसे हुए मैच में अपनी अनुभवी गेंदबाज को मिस किया।
मिताली ने कहा, "मुझे यकीन है कि झूलन होतीं तो मैच में फर्क होता, क्योंकि इतने वर्षों के अनुभव के साथ, अलग-अलग सतहों पर और दबाव की स्थितियों में अलग-अलग टीमों के साथ खेलना मायने रखता है। उनके जैसे एक वरिष्ठ खिलाड़ी का गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व करना निश्चित तौर पर फर्क तो पैदा करता।

झलून भी संन्यास की दहलीज पर-
" मुझे यकीन है कि वह थोड़ी निराश महसूस कर रही होगी कि वह भारतीय टीम के आखिरी गेम का हिस्सा नहीं बन सकी।"
मिताली ने कहा किवह सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करना चाहती है ताकि झूलन टूर्नामेंट में एक और मैच खेल सके।
उन्होंने कहा, "मैं वास्तव में इस गेम को जीतना चाहती थी ताकि हम उसे सेमीफाइनल में एक और गेम दे सकें लेकिन यह हमारे मुताबिक नहीं गया।"
गोस्वामी, इस साल के टूर्नामेंट के दौरान, महिला विश्व कप के इतिहास में सबसे अधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गईं हैं।












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