महान कोच को भारतीय खिलाड़ी में दिखी कपिल देव की झलक, पर बॉलिंग नहीं करता है ये 'आजाद पंछी'!
दिग्गज कोच ने कहा, उसके पास आक्रामक खेल था और मैं चाहता था कि वह उसी तरह से खेलना जारी रखे। मैं हमेशा मानता हूं कि हर टीम में एक आजाद पंछी जैसा खिलाड़ी होना चाहिए। मुझे उसमें कपिल की झलक दिखी।

कोचों का खिलाड़ियों के विकास में कितना योगदान है यह कोई छुपी बात नहीं है। अपनी मेहनत और प्रतिभा से खिलाड़ी बहुत आगे चले जाते हैं बशर्ते उनको अच्छा मार्गदर्शन मिला है। असाधारण प्रतिभा को निखारने के लिए कोचिंग में भी उतना ही हुनर चाहिए। आंखों में वह नजर चाहिए तो जो आने वाले समय को बहुत पहले ही देख ले। सचिन और कोहली के कोच अपने शिष्यों की काबिलियत के चलते बहुत चर्चित रहे। ये अपने आप में बड़े दिग्गज कोच भी रहे। ऐसे में एक सुलक्षण कुलकर्णी हैं जो मुंबई के कोच थे जब सूर्यकुमार यादव मुंबई टीम से जुड़े थे। ये उनके शुरुआती दिन थे।

वेंगसरकर ने सबसे पहले मुझे सूर्यकुमार के बारे में बताया
महान को भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे बेहतरीन घरेलू कोचों में से एक माना जाता है। उन्होंने पहली बार सूर्य को देखे जाने को याद किया और बताया कि किस तरह से वह इस बल्लेबाज की काबिलियत को देखकर दंग रह गए थे। उन्होंने कहा, "मुझे याद है कि दिलीप वेंगसरकर ने सबसे पहले मुझे सूर्यकुमार के बारे में बताया था। वह शुरू में दादर यूनियन स्पोर्ट्स क्लब के लिए खेलते थे। मैंने उन्हें मुंबई के लिए अंडर-22 मैच में बल्लेबाजी करते देखा था। इसलिए जब मैं 2011 में मुंबई का कोच बना, तो सबसे पहले मैंने टीम प्रबंधन को बताया था कि सूर्यकुमार मेरे आजाद खिलाड़ी होंगे।

कपिल देव की झलक देख सकता था
उन्होंने कहा, "मैंने उसे अपना स्वाभाविक खेल खेलने का लाइसेंस दिया क्योंकि मैं उसमें कपिल देव की झलक देख सकता था। कपिल जब पूरी लय में होते थे तो उनकी तुलना में और कोई बेहतर खिलाड़ी नहीं होता था। सूर्या के पास आक्रामक खेल था और मैं चाहता था कि वह उसी तरह से खेलना जारी रखे। मैं हमेशा मानता हूं कि हर टीम में एक आजाद पंछी जैसा खिलाड़ी होना चाहिए जो खेल को बदल सकता है। और उस टीम में मेरे लिए, सूर्या वह खिलाड़ी थे।"

कुलकर्णी के दिल को गर्व से भर देती हैं सूर्यकुमार यादव की उपलब्थियां
आज सूर्यकुमार यादव की उपलब्थियां कुलकर्णी के दिल को गर्व से भर देती हैं। मुंबई के एक क्रिकेटर से लेकर आईपीएल सनसनी बनने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर में मिस्टर 360 बनाने तक सूर्यकुमार यादव ने एक लंबा सफर तय किया है। आज वे भारत के लिए लगभग एक ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ी हैं। साल 2022 में उन्होंने T20I में 1100 से अधिक रन बनाए और ICC मेन्स T20I क्रिकेटर ऑफ द ईयर जीता। स्काई अपने करियर में अगला बड़ा कदम उठाने के लिए तैयार है क्योंकि वह अपना टेस्ट डेब्यू करने के लिए तैयार है। उन्होंने गुरुवार से नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू होने वाली बहुप्रतीक्षित बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए भारत की टेस्ट टीम में जगह बनाई है।
भारत के 304वें टेस्ट क्रिकेटर बनने की ओर स्काई
56 वर्षीय कोच ने आगे सूर्य की उपलब्धि पर बात करते हुए कहा, "यह सूर्यकुमार की बल्लेबाजी की सुंदरता है। टी 20 में शतक ज्यादातर ओपनरों द्वारा बनाए गए हैं। इसलिए मध्य क्रम के बल्लेबाज के लिए इस प्रारूप में शतक हासिल करना बहुत दुर्लभ है। जिस तरह से वो लगातार उन शतकों को स्कोर कर रहा है वह अविश्वसनीय है क्योंकि आप उसके द्वारा खेले जाने वाले शॉट्स के लिए कोई फील्ड सेट नहीं कर सकते हैं।"
अब सूर्यकुमार यादव के पास भारत के 304वें टेस्ट क्रिकेटर बनने की पूरी संभावना है। हालांकि उनको शुभमन गिल से पूरी टक्कर मिलनी तय है लेकिन केएल राहुल कीपिंग कर लें तो गिल व स्काई दोनों खेल सकते हैं।
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