विराट कोहली ने क्यों खाली कर दिया अपना ट्रॉफी कैबिनेट? मां को भेज दी सारी ट्रॉफियां, हैरान कर देगी वजह
Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट के चमकते सितारे विराट कोहली ने एक बार फिर मैदान पर अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच में उन्होंने न केवल भारत को जीत दिलाई, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 28,000 रन पूरे कर एक नया इतिहास रच दिया है। इस बड़ी उपलब्धि के बाद उन्होंने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद इमोशनल राज साझा किया जिसने दुनिया भर के प्रशंसकों को भावुक कर दिया है।
मैच खत्म होने के बाद जब विराट कोहली से उनके अवॉर्ड्स और ट्रॉफियों के रखरखाव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत सादगी भरा जवाब दिया। विराट ने बताया कि वह अपनी जीत की हर निशानी यानी अपनी ट्रॉफियां और 'प्लेयर ऑफ द मैच' के अवॉर्ड्स गुड़गांव में अपनी मां सरोज कोहली के पास भेज देते हैं। यह खुलासा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

Virat Kohli ने बताया कारण
विराट कोहली का मानना है कि उनकी मां के लिए ये ट्रॉफियां सिर्फ एक इनाम नहीं हैं, बल्कि उनके बेटे के कड़े संघर्ष और सफलता का प्रतिबिंब हैं। कोहली ने बताया कि उनकी मां को इन ट्रॉफियों को इकट्ठा करना और उन्हें सहेजकर रखना बहुत पसंद है। यही कारण है कि विराट अपनी हर सफलता की भौतिक निशानी को अपनी मां के घर भेज देते हैं।
सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा
वडोदरा में मुकाबले के दौरान विराट कोहली ने रनों का वो पहाड़ खड़ा किया जहां पहुंचना किसी भी बल्लेबाज के लिए एक सपने जैसा होता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज 28,000 रन बनाने का कीर्तिमान स्थापित किया है। दिलचस्प बात यह है कि इस मामले में उन्होंने क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को भी पीछे छोड़ दिया है।
सचिन तेंदुलकर ने जहां इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए 644 पारियां ली थीं, वहीं विराट कोहली ने यह कारनामा महज 624 पारियों में कर दिखाया। 37 वर्ष की उम्र में भी विराट की यह भूख और निरंतरता उन्हें दुनिया के अन्य बल्लेबाजों से काफी अलग और खास बनाती है।
एक सपने को जी रहे हैं किंग कोहली
अपनी इस लंबी और सफल यात्रा पर बात करते हुए विराट कोहली थोड़े भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जब वह पीछे मुड़कर देखते हैं, तो उन्हें सब कुछ एक सुंदर सपने जैसा लगता है। कोहली के अनुसार उन्होंने हमेशा अपनी मेहनत पर भरोसा किया और आज वह जहां हैं, उसके लिए ईश्वर के प्रति उनके मन में गहरी कृतज्ञता की भावना है।
विराट ने यह भी साझा किया कि उनके लिए सबसे बड़ी खुशी प्रशंसकों के चेहरे पर मुस्कान देखना है। वह महसूस करते हैं कि अपने जुनून का पालन करते हुए करोड़ों लोगों को खुशी देना एक बहुत बड़ा सौभाग्य है। मैदान पर उनकी आक्रामकता के पीछे अक्सर एक ऐसा इंसान छिपा होता है जो अपनी जड़ों और परिवार के प्रति पूरी तरह समर्पित है।
Virat Kohli वर्ल्ड कप के लिए तैयार
न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी 93 रनों की पारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह आगामी 2027 वर्ल्ड कप के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनकी फिटनेस और दौड़ने की रफ्तार आज भी टीम के सबसे युवा खिलाड़ियों को टक्कर देती है।
अंत में विराट ने अपनी बल्लेबाजी शैली पर भी बात की और बताया कि वह परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में विश्वास रखते हैं। चाहे वह नंबर तीन पर बल्लेबाजी करना हो या लक्ष्य का पीछा करना, उनका ध्यान हमेशा इस बात पर रहता है कि टीम को जीत की दहलीज तक कैसे पहुंचाया जाए।












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