विनोद राय ने याद किए भारतीय महिला क्रिकेट के दुर्गति के दिन, खाने की जगह मिला था समोसा
नई दिल्ली, 18 अप्रैल: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2017 में बहुत अच्छा अभियान समाप्त किया था। भारत ने तब सेमीफाइनल में ताकतवर ऑस्ट्रेलियाई टीम को भी मात दे दी थी। हालांकि वे इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल की बाधा को पार नहीं कर सके और 9 रनों से हार गए।

पूर्व सीओए प्रमुख विनोद राय ने मिताली राज की उस टीम के बारे में अपने नई किताब में कुछ खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में होटल में खाना तक नसीब नहीं हुआ था और उनको इस मैच से पहले समोसा खाकर ही काम चलाना पड़ा।
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विनोद राय ने द वीक से बात करते हुए कहा, मुझे नहीं लगता महिला क्रिकेट को वह फोकस दिया गया जिसकी वे हकदार थी। दुर्भाग्य से 2006 तक महिला क्रिकेट को गंभीरता से नहीं लिया गया। जब मिस्टर शरद पवार ने यह फैसला किया महिला और पुरुष क्रिकेट एसोसिएशन को आपस में मिला दिया जाए तब कुछ सुधार हुए। तब मुझे हैरानी होती थी कि पुरुष क्रिकेटरों की जर्सी को काटकर, सिलकर महिलाओं के आउटफिट बनाए जाते थे। तब मुझे नाइकी से बात करनी पड़ी।
मुझे अफसोस है मैं मार्च तक महिला क्रिकेट पर ज्यादा ध्यान नहीं दे सकता जब हरमनप्रीत ने 2017 के महिला वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 171 रनों की पारी खेली थी। उसने मुझे बताया कि सर मुझे क्रैम्प आ गए थे इसलिए केवल छक्के मारने पड़ रहे थे, रनों के लिए भागा नहीं जा रहा था। तब पता चला कि उनको होटल में खाना नहीं मिला। सुबह के समय उनको समोसा ही खाना पड़ा।
2017 का महिला वर्ल्ड कप होने के बाद ही इस क्रिकेट को उचित ध्यान मिला। इसके बाद महिला क्रिकेट में भारत की ओर से कुछ निरंतर परफॉरमेंस देखने को मिली। उन्होंने भविष्य में आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज में जगह भी बनाई और वे ऑस्ट्रेलिया में 2020 वर्ल्ड कप में भी फाइनलिस्ट साबित हुए। मिताली राज एंड कंपनी ने सीजन 2022 में भी अच्छा क्रिकेट खेला लेकिन उनको सेमीफाइनल में जगह नहीं मिल पाई।












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