Vinod Kambli Health Updates: 'जिंदा हूं मैं', अस्पताल के बेड से बोले कांबली, सामने आया इमोशनल Video
Vinod Kambli Health Updates: पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली को एक दिन पहले गंभीर हालत में ठाणे के आकृति अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उनके ब्रेन में कुछ क्लॉट यानी कि थक्के पाए जाने की खबर थी, हालांकि उनकी हालत अब पहले से बेहतर है।
उन्होंने अस्पताल के बेड से से एक छोटा सा बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने इलाज करने वाले डॉक्टरों को धन्यवाद दिया है। उनका ये वीडियो बहुत ज्यादा इमोशनल है।

कांबली ने कहा, "मैं यहां के डॉक्टरों की वजह से जीवित हूं, फिर हंसते हुए बोले मैं अभी जिंदा हूं। मैं बस इतना ही कहूंगा कि सर (डॉक्टर की ओर इशारा करते हुए) जो भी कहेंगे, मैं वही करूंगा। लोग प्रेरणा स्वरूप इसे देखेंगे।'कांबली इस दौरान थोड़ा भावुक भी नजर आए। उन्होंने ठीक वैसे ही डॉक्टर का हाथ पकड़ लिया, जैसे उन्होंने सचिन तेंदुलकर के साथ किया था।
'अभी तो वो लंदन चले गए हैं लेकिन...'
उन्होंने अपने मित्र सचिन तेंदुलकर से जुड़े सवाल पर कहा कि 'अभी तो वो लंदन चले गए हैं लेकिन उन्हें पता चलेगा, आप लोग ही मेरे बारे में बताएंगे।' वीडियो में कांबली हालांकि अस्पताल के बेड पर हैं लेकिन पहले से बेहतर दिख रहे हैं।
52 वर्षीय कांबली पिछले एक महीने से अपने स्वास्थ्य को लेकर चर्चा में
आपको बता दें कि 52 वर्षीय कांबली पिछले एक महीने से अपने स्वास्थ्य को लेकर चर्चा में हैं, सबसे पहले तब चर्चा में आए जब दो महीने पहले उन्हें अपनी बाइक से उतरने में दिक्कत हुई थी और फिर हाल ही में मुंबई में रमाकांत आचरेकर स्मारक के अनावरण के दौरान चर्चा में आए थे, जहां वो सचिन तेंदुलकर को देखकर काफी भावविभोर हो गए थे और उनका हाथ नहीं छोड़ रहे थे।
'कांबली को ऐंठन, बुखार और चक्कर आने की शिकायत'
कांबली का इलाज कर रहे आकृति अस्पताल के डॉ. विवेक द्विवेदी ने कहा कि 'कांबली जब यहां आए थे तो उन्हें ऐंठन, बुखार और चक्कर आने की शिकायत थी। वह न तो बैठ पा रहे थे और न ही चल पा रहे थे । जांच में पता चला कि उसे मूत्र संक्रमण है और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन है, साथ ही सोडियम और पोटेशियम का स्तर कम होने के कारण ऐंठन हो रही थी। उसे स्थिर करने के लिए एंटीबायोटिक्स दिए गए हैं।
कांबली को बीसीसीआई की ओर से मात्र 30,000 पेंशन मिलती है
आपको बता दें कि कांबली आर्थिक संकट के भी शिकार हैं। उन्हें बीसीसीआई की ओर से मात्र 30,000 पेंशन मिलती है, जिससे उनकी जीविका चलती है। कांबली का एक शानदार क्रिकेट करियर रहा है। इसी को देखते हुए कांबली के इलाज का जिम्मा अस्पताल के प्रभारी एस सिंह ने उठाया है, जिन्होंने पूर्व क्रिकेटर को आजीवन मुफ्त इलाज का आश्वासन दिया है।
मदद के लिए कपिल देव और सुनील गावस्कर आए आगे
तो वहीं 1983 विश्व कप विजेता टीम के कैप्टन रहे कपिल देव और भारत के स्टार प्लेयर सुनील गावस्कर ने उनकी मदद करने की पेशकश की हैलेकिन केवल तभी जब वह पुनर्वास से गुजरने के लिए सहमत हों। हालांकि कांबली ने उनकी ये बात मान ली है। अगर कांबली रिहैब सेंटर जाते हैं तो ये उनका 15वां पुनर्वास होगा। उनके दोस्त और पूर्व प्रथम श्रेणी के अंपायर, मार्कस कोउटो ने पहले पुष्टि की थी कि कांबली पहले ही 14 पुनर्वास कार्यक्रमों से गुजर चुके हैं।
विनोद कांबली ने 1991 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। उनका करियर भले ही लंबा न रहा हो, लेकिन उन्होंने अपने छोटे से करियर में बेहतरीन प्रदर्शन किया।
टेस्ट क्रिकेट
- कांबली ने टेस्ट क्रिकेट में 17 मैच खेले और 54.20 की शानदार औसत से 1084 रन बनाए।
- उनके नाम दो दोहरे शतक और चार शतक दर्ज हैं।
- 1993 में इंग्लैंड के खिलाफ 224 रनों की पारी और
- ज़िम्बाब्वे के खिलाफ 227 रन उनकी बेहतरीन पारियों में गिने जाते हैं।
वनडे क्रिकेट
- विनोद कांबली ने 104 वनडे मैचों में 32.59 की औसत से 2477 रन बनाए।
- वनडे में उन्होंने 2 शतक और 14 अर्धशतक लगाए।
रिकॉर्ड और उपलब्धियां
- कांबली ने टेस्ट क्रिकेट में अपने पहले 1000 रन सिर्फ 14 पारियों में पूरे किए थे।
- टेस्ट क्रिकेट में लगातार दो दोहरे शतक बनाने का कारनामा विनोद कांबली ने ही किया था।












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