35 लाख के केलों के बाद अब पूर्व क्रिकेटर को मिली जान से मारने की धमकी, फिर विवादों में उत्तराखंड क्रिकेट
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड पर वित्तीय अनियमितता से लेकर खिलाड़ियों को जान से मारने की धमकी के आरोप लग रह हैं।
नई दिल्ली, 14 जुलाई: क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड पर वित्तीय अनियमितता से लेकर खिलाड़ियों को जान से मारने की धमकी के आरोप लग रह हैं। एसोसिएशन पहली बार तब विवादों में आया था जब केले के लिए 35 लाख रुपये सहित भोजन और खानपान के लिए 1.74 करोड़ रुपये, दैनिक भत्तों में 49.5 लाख रुपये, लॉकडाउन के दौरान 11 करोड़ रुपये खर्च हुए लेकिन इसके बाद भी खिलाड़ियों के बकाया पैसे का पेमेंट नहीं हुआ। उत्तराखंड पुलिस ने सीएयू के सचिव माहिम वर्मा, टीम के मुख्य कोच मनीष झा और एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय गुसाईं से पूछताछ की। पूर्व भारतीय अंडर-19 क्रिकेटर के पिता ने बेटे को मिली जान से मारने की धमकी के बाद इन सभी लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई है।

पुलिस कर रही पूछताछ
एसएसपी देहरादून जनमेजय खंडूरी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पिछले तीन दिन में हमने माहिम वर्मा, मनीष झा और संजय गुसाईं से अलग-अलग बुलाकर पूछताछ की है। जरूरत पड़ी तो ऐसा फिर से किया जाएगा। इस मामले में देहरादून के वसंत विहार पुलिस स्टेशन में जबरन वसूली (384), आपराधिक साजिश (120 बी), जानबूझकर अपमानित करने (504) और आपराधिक धमकी (506) की धाराओं में केस दर्ज हुआ है।

पूर्व क्रिकेटर को दी थी धमकी
पूर्व अंडर-19 खिलाड़ी आर्य सेठी के पिता वीरेंद्र सेठी ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को पिछले साथ विजय हजारे टूर्नामेंट के दौरान उत्तराखंड क्रिकेट टीम के कोच मनीष झा, टीम मैनेजर नवनीत मिश्रा और वीडियो एनालिस्ट पीयूष रघुवंशी ने जान से मारने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं उन्होंने सचिव पर बेटे को टीम में चुनने के लिए 10 लाख रुपये मांगने का भी आरोप लगाया है।

पानी पर खर्च हुए 22 लाख रुपये
उत्तराखंड क्रिकेट की परेशानी आगे और भी बढ़ने वाली है। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में खिलाड़ियों ने बताया कि उन्हें 100 रुपये डीए दिया गया जबकि तय राशि 1500 है। टूर्नामेंट और ट्रेनिंग कैंप के दौरान खाना तक नहीं मिला जबकि एसोसिएशन ने महामारी के दौरान ही खिलाड़ियों पर लाखों के खर्चे का बिल जोड़ दिया। उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन की 31 मार्च, 2020 की ऑडिट रिपोर्ट में खिलाड़ियों के खाने पर 1.74 करोड़ रुपये और दैनिक भत्ते पर 49 लाख रुपये खर्च होना बताया गया है। इसमें केले का बिल ही सिर्फ 35 लाख रुपये का है, वहीं पीने के पानी पर 22 लाख रुपये खर्च हुए हैं।












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