IND vs SA : तीन साल गुजरे खराब, आखिर कब डाॅन ब्रैडमैन को पीछे छोड़ेंगे कोहली
स्पोर्ट्स डेस्क (नोएडा) : विराट कोहली माैजूदा समय सबसे महान बल्लेबाजों में से एक हैं। उन्हें हमेशा पूर्व दिग्गजों द्वारा टाॅप 4 खिलाड़ियों की लिस्ट में रखा जाता है। हालांकि पिछले तीन साल उनके लिए बेहद खराब गुजर रहे हैं। उनके बल्ले से कोई शतक नहीं निकला। हालांकि छोटी पारियां निकलीं, जिनसे उन्होंने कई रिकाॅर्ड बनाए तो कई तोड़े। माैजूदा समय भारतीय टीम साउथ अफ्रीका दाैरे पर है जहां टेस्ट सीरीज में खिलाड़ी दम दिखा रहे हैं। यहां भी कोहली तीसरे टेस्ट की पहली पारी में 79 रन ही बना सके, लेकिन जिस अंदाज में वह खेल रहे थे तो लगा कि वो शतक का सूखा समाप्त कर देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ना कोहली शतक लगाने से फिर रह गए, बल्कि पूर्व महान ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डाॅन ब्रैडमैन को एक खास मामले में पीछे छोड़ने से भी अभी रह गए।
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आखिर कब ब्रैडमैन को पीछे छोड़ेंगे कोहली?
कोहली ने आखिरी टेस्ट शतक बांग्लागेश के खिलाफ 2019 के नवंबर में लगाया था। यह उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय शतक भी साबित हुआ, क्योंकि इसके बाद कोहली ना वनडे में शतक लगा सके ना ही सबसे छोटे फाॅर्मेट में। कोहली ने 22 नवंबर 2019 को कोलकाता के ईडन गार्डन में 136 रनों की पारी खेली थी। यह उनके टेस्ट करियर का 27वां शतक था। वहीं डाॅन ब्रैडमैन ने अपने टेस्ट करियर में खेले 52 मैचों में 29 शतक लगाए हैं। अगर कोहली के लिए आखिरी तीन साल खराब ना गुजरे होते तो वह शतकों के मामले में ब्रैडमैन को कब का पीछे छोड़ चुके होते। उन्होंने टेस्ट की आखिरी 26 पारियों में एक भी शतक नहीं लगाया। यहां तक कि उनके बल्ले से पिछले तीन सालों में सर्वश्रेष्ठ टेस्ट पारी साउथ अफ्रीका के खिलाफ ही निकलती दिखी जो 79 रनों की थी। अगर उनका दाैर खराब ना होता तो ना सिर्फ ब्रैडमैन पीछे रह जाते बल्कि सुनील गावस्कर के आसपास भी पहुंच जाते जिन्होंने 34 टेस्ट शतक लगाए हैं। कोहली जब अच्छी फाॅर्म में थे तो कहा जाता था कि वह टेस्ट में शतकों के मामले में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ने का दम रखते हैं, लेकिन अब उनके करीब पहुंचना कोहली के लिए सपना ही रह जाएगा।

लेकिन औसत अभी भी शानदार
केपटाउन टेस्ट उनके करियर का 99वां टेस्ट है। उन्होंने अपना आखिरी शतक 84वें टेस्ट में लगाया था। हालांकि उसके बाद से वह शतक नहीं बना पाए हैं, लेकिन उन्होंने इस दौरान सिर्फ छह अर्धशतक लगाए हैं। अपनी छोटी पारियों के बावजूद कोहली ने अपना टेस्ट औसत शानदार बरकरार रखा हुआ है। भले ही कोहली का बल्ला शतक नहीं उगल पाया हो, लेकिन उनका औसत अभी भी 50 के ऊपर है। वही टेस्ट में अभी तक खेले 99 मैचों की 167 पारियों में 50.52 की औसत से 7933 रन बना चुके हैं। यही नहीं, कोहली दुनिया के इकलाैते ऐसे बल्लेबाज हैं जो तीनों फाॅर्मेट में 50 से ज्यादा की औसत से रन बना रहे हैं।

वक्त बहुत कम, मंजिल है दूर
इसमें कोई शक नहीं कि कोहली माैजूदा समय सबसे फिट खिलाड़ियों में से एक हैं, लेकिन उनकी उम्र 33 साल हो चुकी है। कोई स्टार भारतीय खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा 38 साल तक खेलने में दिलचस्पी रखता है। ऐसे में कोहली के पास भी वक्त बहुत कम बचा है अगर उन्हें कुछ बड़े रिकाॅर्डों को धाराशाही करना है। कोहली के पास सबसे अधिक दोहरे टेस्ट शतक का रिकाॅर्ड तोड़ने के लिए 6 दोहरे शतकों की जरूरत है। डाॅन ब्रैडमैन हैं, जिन्होंने 12 दोहरे शतक लगाए हैं तो कोहली 7 ला चुके हैं जो उन्होंने 2016 से लेकर 2019 के बीच लगाए थे। अगर कोहली फिर से फाॅर्म हासिल कर लेते हैं तो उनके लिए दोहरे शतक को छूना मुश्किल नहीं रहने वाला।












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