पिता पर भरोसा नहीं कर था क्रिकेटर, लेकिन लग चुकी थी 3.2 करोड़ की बोली
नई दिल्ली। आईपीएल 2022 की मेगा नीलामी में 204 खिलाड़ी सोल्ड रहे, जिसमें 67 विदेशी खिलाड़ी शामिल रहे। इस बार फ्रेंचाइजियों ने पुराने दिग्गजों पर दांव ना लगाते हुए युवा सितारों को अपने साथ जोड़ना सही समझा। ऐसे में कई ऐसे खिलाड़ी करोड़ों में बोली हासिल करते दिखे जिनके बारे में शायद आपने पहले कभी सुना होगा। उत्तर प्रदेश के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज यश दयाल भी बड़ी बोली हासिल करने में कामयाब हुए, लेकिन जब उनके पिता चंद्रपाल ने फोन के जरिए उसे ये बात बताई तो खिलाड़ी को भरोसा नहीं हो पा रहा था।
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लग चुकी थी 3.2 करोड़ की बोली
दरअसल, दयाल ने अपना बेस प्राइस 20 लाख रखा था। उन्हें गुजरात टाइटंस ने पूरे 16 गुना ज्यादा कीमत देकर 3.20 करोड़ रुपए की मोटी कीमत में खरीद लिया। हालांकि, यश को आईपीएल ऑक्शन में इतनी बड़ी रकम पाने की उम्मीद नहीं थी। दयाल फिलहाल उत्तर प्रदेश की टीम में शामिल हैं जो रणजी ट्रॉफी के लिए गुरुग्राम में एक होटल में क्वारंटीन हैं। दयाल भी नीलामी देख रहा था, लेकिन जब उसका नाम जल्दी नहीं आ रहा था तो वह निराश होकर टीबी बंद कर सो गया। साथ ही फोन साइलेंट भी कर दिया, लेकिन जब उनके पिता ने बार-बार फोन किए तो दयाल नींद से जागे। पिता ने बतया कि उसे बड़ी रकम मिली है, लेकिन दयाल भरोसा नहीं कर पा रहे थे।

वो बेहतरीन बाउंसर फेकता है
चंद्रपाल ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा, "हम चिंता में पड़ गए थे कि आखिर दयाल फोन क्यों नहीं उठा रहा है। जब कुछ देर बाद उसने उठाया तो मैंने नीलामी के बारे में बताया तो उसे लगा कि मैं झूठ कह रहा हूं। कोई भी खिलाड़ी उसे मुबारक देने के लिए भी तब कमरे में नहीं गया था क्योंकि कोरोना प्रोटोकॉल के कारण खिलाड़ियों को टीम होटल में इधर-उधर जाने के लिए मना है।'' चंद्रपाल ने आगे बात करते हुए कहा कि दयाल को तेज गेंदबाजी करना पसंद है। उन्होंने कहा, "यश तेज गेंदबाजी करना पसंद करते हैं। वह गेंद को दोनों तरफ स्विंग करा सकता है। वो बेहतरीन बाउंसर फेकता है और वो जब चाहें यॉर्कर भी फेंक सकता है।"

140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं
गाैर हो कि यश ने पिछले साल विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 7 मैच में इस गेंदबाज ने 3.77 की इकोनॉमी रेट से 14 विकेट लिए थे। यश लगातार 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करता है। यश उस समय 12 साल के थे, जब चंद्रपाल उसे प्रयागराज के मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में ले गए थे। यहीं से यश के तेज गेंदबाज बनने की शुरुआत हुई।












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