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'पुजारा को ही क्यों बलि का बकरा बनाया गया', सुनील गावस्कर ने BCCI चयनकर्ताओं से पूछे तीखे सवाल

वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज और वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम (Indian Cricket Team) में चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) को शामिल नहीं किया गया है। बीसीसीआई (BCCI) के इस फैसले से भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) भड़क गए और उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

दरअसल, जुलाई में वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा के बाद चेतेश्वर पुजारा की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यशस्वी जयसवाल अब पुजारा के स्थान यानी नंबर 3 स्थान पर कब्जा कर सकते हैं।

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सुनील गावस्कर ने जताई नाराजगी
हालांकि, भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर को लगता है कि यह चयनकर्ताओं के लिए कई वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम देने और अधिक युवा खिलाड़ियों को मौका देने का मौका था। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई है कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अन्य खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन के बाद सिर्फ पुजारा को 'बलि का बकरा बनाया गया है।

पुजारा को बताया टीम इंडिया का वफादार खिलाड़ी
गावस्कर ने स्पोर्ट्स टुडे पर बातचीत के दौरान कहा कि, 'उन्हें (पुजारा) हमारी बल्लेबाजी की विफलताओं के लिए बलि का बकरा क्यों बनाया गया है? वह भारतीय क्रिकेट के एक वफादार खिलाड़ी, एक शांत और सक्षम व्यक्ति रहे हैं, लेकिन क्योंकि उसके किसी भी मंच पर लाखों फॉलेअर्स नहीं हैं जो उसके बाहर होने पर शोर मचा सकें, तो आप उसे हटा देते हैं? यह समझ से परे की बात है।'

पूछा क्या है खिलाड़ियों के चयन का मानदंड
गावस्कर ने इस बात पर अफसोस जताया कि चयनकर्ताओं से सवाल नहीं पूछे जा सकते क्योंकि कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं हुई जिसमें उन्होंने टीम की घोषणा की। उन्होंने कहा कि, 'उसे (पुजारा) हटाने और असफल होने वाले अन्य लोगों को रखने का मानदंड क्या है। मुझे नहीं पता क्योंकि आजकल चयन समिति के अध्यक्ष या ऐसे किसी भी व्यक्ति के साथ कोई मीडिया बातचीत नहीं होती है जहां आप वास्तव में ये प्रश्न पूछ सकें।'

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में से एक माने जाने वाले पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि अगर यही कारण है कि पुजारा को बाहर किया गया है तो उम्र कोई मापदंड नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि पुजारा एकमात्र भारतीय बल्लेबाज नहीं थे जो डब्ल्यूटीसी फाइनल में बड़ा स्कोर बनाने में असफल रहे, जिसमें भारत ऑस्ट्रेलिया से 209 रनों से हार गया था।

गावस्कर ने पुजारा के बारे में कहा, 'हां वह काउंटी क्रिकेट खेल रहे हैं, उन्हें पता है कि लाल गेंद क्या होती है।' आजकल खिलाड़ी 39 या 40 साल की उम्र तक खेल सकते हैं, इसमें कुछ भी गलत नहीं है। वे सभी बहुत फिट हैं और जब तक आप रन बना रहे हैं या विकेट ले रहे हैं, मुझे नहीं लगता कि उम्र कोई कारक होनी चाहिए।'

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स्टार क्रिकेटर्स के प्रदर्शन पर भी उठाए सवाल
उन्होंने आगे कहा कि, 'स्पष्टतः केवल एक व्यक्ति को ही बाहर किया गया है जबकि अन्य भी असफल रहे। मेरे लिए, बल्लेबाजी विफल रही। अजिंक्य रहाणे के अलावा कोई भी ऐसा नहीं था जिसे कोई रन नहीं मिला। इसलिए पुजारा को असफल व्यक्ति क्यों बनाया गया है, चयनकर्ताओं को यह समझाने की जरूरत है।'

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