कलाई के सबसे बड़े जादूगर थे शेन वॉर्न, भारत के खिलाफ डेब्यू से बॉल ऑफ सेंचुरी तक
नई दिल्ली, 4 मार्च। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में दुनिया के महानतम स्पिनर रहे शेन वार्न का शनिवार 4 मार्च को निधन हो गया है। 52 वर्ष के शेन वार्न की मौत हार्ट अटैक के चलते हुई। शेन वार्न के असामयिक निधन ने क्रिकेट प्रेमियों को सदमे में कर दिया है। वार्न के निधन के साथ ही खेल प्रेमी उस दौर को याद कर रहे हैं जब कलाई के इस जादूगर का विश्व क्रिकेट में डंका बजता था।

90 का दशक स्पिन तिकड़ी के लिए किया जाता है याद
जिस क्रिकेट प्रेमी ने 1990 का दशक देखा है उसे दुनिया के तीन दिग्गज स्पिनर और उनकी प्रतिद्वंद्विता जरूर याद होगी। ये तीन स्पिनर थे श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन, भारत के अनिल कुंबले और तीसरे थे आस्ट्रेलिया के शेन वार्न।
इन तीनों दिग्गजों ने क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम दर्ज किया। कुंबले ने लंबे समय से कपिलदेव के सबसे ज्यादा विकटों के रिकॉर्ड को सबसे पहले तोड़ा तो मुथैया मुरलीधरन ने तो सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड ही बना दिया जो आज तक नहीं टूटा है। वहीं शेन वार्न ने 145 टेस्ट में 719 विकेट लिए थे।

शेन वार्न को कहा गया महान लेग स्पिनर
भले ही सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड मुरलीधरन के नाम हो लेकिन क्रिकेट प्रेमियों और क्रिकेट पंडितों की नजर में शेन वार्न ही इतिहास के सबसे महान स्पिनर हुए। इसकी वजह थी स्पिन में उनकी कलात्मकता जिसके चलते उन्हें फिरकी का जादूगर से लेकर कलाई का जादूगर कहा गया।

भारत के खिलाफ किया था डेब्यू
खास बात ये रही कि कलाई के इस जादूगर ने अपने कैरियर की शुरुआत भारत के खिलाफ डेब्यू करके की थी। 21 साल की उम्र में शेन वार्न ने अपना पहला टेस्ट खेला था और इसके बाद उन्होंने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। वार्न ने जब संन्यास की घोषणा की उस समय तक उनका जलवा कायम रहा। उनका नाम दुनिया के बेहतरीन लेग स्पिनर में शामिल रहा।

'बॉल ऑफ सेंचुरी' आज भी खेल प्रेमियों को चौंकाती है
शेन वार्न को ऐसे ही कलाई का जादूगर नहीं कहा जाता है। क्रिकेट के इतिहास में शेन वार्न ही वह बॉल फेंकी थी जिसे 'बॉल ऑफ सेंचुरी' होने का गौरव प्राप्त है। साल था 1993 और मौका था एशेज सीरीज का जिसमें आस्ट्रेलियाई फिरकी ने परंपरागत प्रतिद्वंद्वी इग्लैंड के माइक गेटिंग को बोल्ड कर दिया था। शेन वार्न ने जो गेंद फेंकी थी वह लेग स्टंप से काफी बाहर जा रही थी जिससे गेटिंग रिलैक्स मोड में आ गए लेकिन यह इतनी तेज टर्न हुई कि ऑफ स्टंप उड़ा ले गई। इसे बॉल ऑफ द सेंचुरी कहा गया।












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