बीसीसीआई अध्यक्ष के तौर पर खुद के कार्यकाल को कैसे देखते हैं सौरव गांगुली
नई दिल्लीः भारत के पूर्व कप्तान और मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष सौरभ गांगुली का कहना है कि वह नहीं जानते हैं एक बीसीसीआई अध्यक्ष के तौर पर उनके कार्यकाल को किस तरीके से देखा जाएगा। गांगुली मानते हैं कि वे अपने फैंस पर अपने कार्यकाल को जज करने का काम छोड़ देंगे। सौरभ गांगुली यह मानते हैं कि एक बीसीसीआई अध्यक्ष के तौर पर उनका कामकाज कोविड-19 हालातों के चलते काफी चुनौतियों से गुजर रहा है और वे भारतीय क्रिकेट को भाग्यशाली बताते हैं कि वह महामारी के दौर में भी लगातार तरक्की कर रहा है और मैच हो रहे हैं।

गांगुली स्पोर्टस्टार से बात कर रहे थे और उनसे पूछा गया कि अपने कार्यकाल को आप किस तरीके से देखते हैं, आप किस तरह की लीगेसी छोड़ रहे हैं? तो गांगुली ने कहा कि मैं अभी से यह नहीं बता सकता। देखते हैं क्या होगा और उसके बाद आप मेरे कार्यकाल को जज कर पाएंगे। लेकिन पिछले 2 साल में कोरोना के चलते हालात काफी अजीबोगरीब और मुश्किल रहे। पूरी दुनिया में महामारी का जोर है और हम भाग्यशाली हैं कि अभी भी काफी मेजोरिटी में क्रिकेट को करा रहे हैं।
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गांगुली ने यह भी कहा कि राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण दोनों साथ साथ काम कर रहे हैं। आपको बता दें वीवीएस लक्ष्मण नेशनल क्रिकेट एकेडमी के हेड हैं। द्रविड़ पहले इसी जिम्मेदारी पर थे और भारतीय क्रिकेट टीम के कोच और आउटपुट भी जरूरी होता है और गांगुली के मुताबिक बाकी कोच भी एनसीए के साथ काम कर रहे हैं। गांगुली ने बताया कि नेशनल क्रिकेट एकेडमी में एक नई फेसिलिटि बनाई जा रही है और यह डेढ़ साल में पूरी हो जाएगी।
गांगुली निष्कर्ष निकालते हुए कहते हैं हम सभी चीजों को एक जगह रख रहे हैं। राहुल और लक्ष्मण साथ साथ काम करते हैं। बाकी कोच भी उनके साथ काम करते हैं। अंडर 19 टीम के कोच भी नेशनल क्रिकेट एकेडमी के साथ काम कर रहे हैं। नेशनल क्रिकेट अकादमी में एक नई फैसिलिटी बनाई जा रही है और इस महीने के आसपास काम शुरू हो जाएगा। लगभग 18 महीने का और पूरा हो जाएगा। सभी चीजें अपनी जगह पर ठीक ठाक है।
सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 113 टेस्ट मैच खेले थे और 311 वनडे मुकाबले उन्होंने अपने इंटरनेशनल करियर में खेले। गांगुली भारतीय क्रिकेट के कप्तान के तौर पर देखे जाते हैं और उन्होंने एक खिलाड़ी के तौर पर खेल से 2008 में संन्यास ले लिया था तब से गांगुली क्रिकेट में प्रशासनिक स्तर पर सक्रिय हो गए और वे बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन में भी अध्यक्ष बने रहे।












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