आखिरी गेंद पर चाहिए थे 5 रन, ना नो-बॉल हुई , ना बाउंड्री लगी, अनोखे ढंग से जीती टीम- VIDEO
नई दिल्लीः क्रिकेट में ऐसा नजारा बड़ा ही कम बार होता है जब किसी टीम को आखिरी गेंद पर जीत के लिए 5 रन चाहिए और वह जीत जाए। ये जरूर है कि हमने कुछ मौकों पर खिलाड़ियों को आखिरी गेंद पर छक्का मारते हुए अपनी टीम को जिताते हुए देखा है लेकिन इस बार जो मामला घटित हुआ है वह काफी दिलचस्प, अनोखा और अजीबोगरीब है क्योंकि यहां पर एक क्रिकेट टीम ने हार के जबड़े से जीत तब छीन ली जब उनके बल्लेबाजों ने अंतिम गेंद पर 5 रन बिना किसी बाउंड्री को लगाए बना लिए। इस टीम को जीत के लिए अंतिम गेंद पर 5 रनों की दरकार थी जो बिना किसी बाउंड्री लगाए बना दिए गए।

अनोखा मामला-
यह मामला अल-वकील क्रिकेट लीग का है जिसका चौथा सीजन इस समय चल रहा है और ऑडिनिक व ऑटोमॉल की टीम के बीच चल रहा मुकाबला बड़े ही मजेदार तरीके से अंत हुआ।
ऑटोमाल की टीम 20 ओवर में 155 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही थी और अंतिम गेंद आते-आते उनके हाथ में केवल दो ही विकेट थे, जबकि स्कोर 8 विकेट पर 150 रन हो चुका था। तब क्रीज पर रहील माजे और आदिल आबिद टिके हुए थे। जाहिर है उनको जीतने के लिए 1 छक्के की सख्त जरूरत थी क्योंकि उससे कम में काम नहीं चल सकता था। तभी गेंदबाज आता है और एक फुल लंबाई की बॉल डालता है जिसको बल्लेबाज लॉन्ग ऑन पर भेज देता है। इस हिट पर हद से हद 2 रन मिल सकते थे लेकिन ये आखिर में 5 रन देने वाली तब्दील हो गई और मैदान पर मौजूद सभी फील्डरों का दिमाग चकराने वाला मुकाबला समाप्त हो गया।

गलतियों पर गलतियां होती गई
आखिरी गेंद पर जैसे ही बल्लेबाज ने गेंद को लॉन्ग ऑन की तरफ भेजा था तो वहां पर मौजूद फिल्डर बॉल को हाथ में पकड़ कर तेजी से गेंदबाजी छोर वाले स्टंप की ओर भागता हुआ आया। गेंदबाजी छोर पर पहले से ही बल्लेबाज क्रीज के अंदर मौजूद हो चुका था लेकिन फील्डर ने जल्दबाजी में स्टम्प उड़ा दिया। बल्लेबाज जब अंदर था तो बल्लेबाजी टीम को इससे कोई नुकसान नहीं हुआ और मौका देखकर खिलाड़ियों ने एक और रन तेजी से भाग कर ले लिया और फिर कॉमेडी का एक ऐसा सिलसिला शुरू हो गया जहां गलतियों पर गलतियां होती गई और बल्लेबाज अपनी टीम के जीतने के लिए रन बनाते रहे।
हैरतअंगेज जीत का वीडियो-
जब वह फील्डर गेंदबाजी छोर के स्टंप को उड़ाने के बाद भी बल्लेबाज को आउट नहीं कर पाया तो वह गेंद लेकर बल्लेबाजी छोर वाले स्टंप की ओर भागा और उसने 10 इंच से भी कम की दूरी पर थ्रो किया लेकिन वह भी मिस हो गई और बॉल बाउंड्री की ओर चली गई। तब खिलाड़ियों को जीत के लिए 2 रन चाहिए थे और उन्होंने तेजी से भाग कर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित कर दी और गेंदबाजी कर रही टीम के पास हैरान होने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। फील्डिंग टीम विश्वास नहीं कर सकी कि यह क्या हो गया और कमेंट्री कर रहा बंदा भी बार-बार 'ओ माय गॉड, ओ माय गॉड' चिल्लाते हुए अपना सिर खुजाता रह गया।












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