Champions Trophy से पहले गंभीर और अगरकर के बीच तकरार! इन खिलाड़ियों को लेकर छिड़ी जंग

इंग्लैंड पर वनडे सीरीज में 3-0 की जीत से ICC चैंपियंस ट्रॉफी से पहले टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है। रोहित शर्मा और विराट कोहली के फॉर्म में आने के बाद टीम मैनेजमेंट राहत की सांस ले सकता है। हालांकि, भारत के मिडिल ऑर्डर की स्पष्टता को लेकर चिंता बनी हुई है, जिससे एक्सपर्ट के बीच बहस छिड़ गई है।

दरअसल, एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत के चयन के मामले में हेड कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर एकमत नहीं हैं, जिससे टीम में भी तीखी बहस छिड़ गई है।

Virat Kohli with Gautam Gambhir and jit Agarkar

जब भारत की प्रारंभिक चैंपियंस ट्रॉफी टीम चुनी गई थी, तो अगरकर ने ऋषभ पंत को टीम में नंबर 1 विकेटकीपर करार दिया था। लेकिन, उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ एक भी वनडे मैच नहीं खेला। सीरीज खत्म होने के बाद हेड कोच गंभीर ने स्पष्ट किया कि केएल राहुल वनडे में भारत के नंबर 1 विकेटकीपर हैं। मैनेजमेंट के दो स्तंभों के विरोधाभासी बयान सुखद तस्वीर पेश नहीं करते हैं।

केएल हमारे नंबर एक विकेटकीपर हैं- गंभीर
गंभीर ने वनडे सीरीज के समापन के बाद कहा था कि, 'आखिरकार, व्यक्तिगत रूप से बात करना बहुत मुश्किल है, लेकिन मैं बस इतना कह सकता हूं कि अगर पंत टीम का हिस्सा हैं, तो उन्हें मौका मिलेगा। लेकिन फिलहाल, केएल हमारे नंबर एक विकेटकीपर हैं, और उन्होंने हमारे लिए अच्छा प्रदर्शन किया है। जब आपके पास टीम में दो विकेटकीपर होते हैं, तो आप दोनों को उस तरह की क्वालिटी के साथ नहीं खेल सकते हैं, जैसा कि हमारे पास है। उम्मीद है कि जब भी उन्हें (पंत) मौका मिलेगा, तो वह इसके लिए तैयार होंगे।'

अय्यर के मामले में टीम मैनेजमेंट में मतभेद
इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में टीम ने शुरू में श्रेयस अय्यर को बेंच पर बिठाने का इरादा किया था, जबकि यशस्वी जायसवाल को टॉप पर मौका दिया था। लेकिन, विराट कोहली के चोटिल होने का मतलब था कि अय्यर हमेशा की तरह तीसरे नंबर पर खेले और एक शानदार अर्धशतक बनाया। तब से, बल्लेबाज सीरीज के शेष दो मैचों के लिए नियमित हो गया। लेकिन, अय्यर के मामले को लेकर टीम मैनेजमेंट में भी कुछ मतभेद नज़र आ रहे हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में, पूर्व चयनकर्ता देवांग गांधी ने भारतीय टीम को इस बदलाव को संभालने में मदद करने के लिए भारतीय कोच गौतम गंभीर की सराहना की, लेकिन उन्होंने उन्हें मिडिल ऑर्डर चयन में और अधिक स्थिरता लाने की चेतावनी भी दी।

गांधी ने TOI से बातचीत में कहा कि, 'गंभीर को बदलाव की स्थिति में टीम के साथ काम करने के लिए उचित श्रेय दिया जाना चाहिए। उन्होंने भारत को वनडे फॉर्मेट में दबदबा दिलाया है, ठीक वैसे ही जैसे भारत 2016-2019 से कर रहा था। चयनकर्ताओं और गंभीर को मिडिल ऑर्डर में स्थिरता के बारे में सावधान रहने की ज़रूरत है।'

उन्होंने कहा कि, 'उस समय बल्लेबाजी मुख्य रूप से टॉप तीन- रोहित, शिखर धवन और विराट कोहली द्वारा संचालित थी। फिर जो हुआ वह यह था कि किसी और को नंबर 4 से आगे जमने का समय नहीं मिला। बाकी बल्लेबाज़ी को अपनी भूमिका के बारे में निश्चित नहीं था।'

गांधी ने आगे कहा कि, 'जब उन बड़े मैचों में टॉप ऑर्डर ढह गया, तो बाकी बल्लेबाज बेख़बर नज़र आए। उम्मीद है कि इस बार ऐसा नहीं होगा। अगर उन्होंने अक्षर को नंबर 5 बल्लेबाज के रूप में पहचाना है तो उन्हें उसे उस नंबर पर मौका देना चाहिए। अक्षर ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन मैनेजमेंट को यह तय करना होगा कि क्या वह दीर्घकालिक विकल्प होगा जो दक्षिण अफ्रीका में 2027 विश्व कप तक पारी को फिर से बना सकता है और हावी हो सकता है।'

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इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों में से दो के लिए मैनेजमेंट ने केएल राहुल और हार्दिक पांड्या से आगे गेंदबाजी ऑलराउंडर अक्षर पटेल को बढ़ावा दिया, एक ऐसा कदम जिसने कई लोगों को हैरान कर दिया। गांधी को लगता है कि अय्यर को बेंच पर बैठाने का फैसला, हालांकि इसे पूरा नहीं किया जा सका, कोई मतलब नहीं रखता।

गांधी ने कहा कि, सीरीज की शुरुआत में अय्यर को बेंच पर बैठाने का विचार कोई मतलब नहीं रखता, क्योंकि अय्यर 2023 वनडे वर्ल्ड कप में असाधारण रहे हैं और भारत ने वर्ल्ड कप के बाद बहुत कम वनडे खेले हैं।'

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