'वो कोहली के लिये IPL जीतने का इकलौता मौका था', शेन वॉटसन ने बताया अपने करियर का सबसे दुखदायी लम्हा

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग का 15वां सीजन अपने आखिरी चरण में पहुंच चुका है और अपने पहले खिताब का इंतजार कर रही रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम के लिये एक बार फिर खिताब का सफर अधूरा होता नजर आ रहा है। आरसीबी की टीम ने 15वें सीजन की शानदार शुरुआत की थी लेकिन बीच में जीत की लय को गंवा दिया जिसके बाद अब उसका प्लेऑफ में पहुंचना भी खतरे में नजर आ रहा है। आरसीबी की टीम को अभी भी एक मैच खेलना है जिसमें जीत हासिल कर वो 16 अंक तक तो पहुंच जायेगी लेकिन उसके बावजूद वहां तक पहुंचना किस्मत के हाथों में है।

IPL 2022

आरसीबी का नाम लेते ही विराट कोहली अपने आप ही जहन में आ जाते हैं जिन्होंने अपने आईपीएल करियर का आगाज आरसीबी की टीम के साथ किया और 8 सालों तक टीम की कमान संभालने के बाद पिछले साल कप्तानी को छोड़ दिया। इस दौरान विराट कोहली ने आरसीबी के लिये कई शानदार पारियां खेली और एक सीजन अपनी टीम को खिताब जिताने से महज 8 रन दूर रह गये थे।

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आरसीबी की टीम पर एक गलती पड़ी भारी

आरसीबी की टीम पर एक गलती पड़ी भारी

साल 2016 में आरसीबी ने पूरे आईपीएल में डोमिनेट करते हुए फाइनल में जगह बनाई थी और विराट कोहली ने भी इसी साल एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था। हालांकि फाइनल मैच में जब उनका सामना सनराइजर्स हैदराबाद से हुआ तो वो जीत से 8 रन दूर रह गये। विराट कोहली ने इस सीजन 4 शतक लगाते हुए 973 रन बनाये थे लेकिन फाइनल में 209 रनों का पीछा करते हुए उनकी टीम 200 रन ही बना सकी। क्रिकेट एक ऐसा खेल है जहां पर एक छोटी सी गलती मैच का नतीजा बदल देती है और आरसीबी के लिये यह वही मैच रहा।

एक ओवर ने तोड़ दिया आरसीबी का सपना

एक ओवर ने तोड़ दिया आरसीबी का सपना

सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए पारी के आखिरी ओवर में 24 रन बटोरे थे, जिसे शेन वॉटसन ने फेंका था। शेन वॉटसन के लिये वह मैच अच्छा नहीं बीता था और उन्होंने अपने 4 ओवर के स्पेल में बिना कोई विकेट हासिल किये 61 रन दे डाले थे। आरसीबी की टीम के लिये वो एक ओवर काफी भारी पड़ा और अच्छी पारी खेलने के बावजूद वो खिताब जीतने से दूर रह गई। आईपीएल 2016 के उस फाइनल को लगभग 6 साल पूरे हो गये हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व ऑलराउंडर के लिये मैच का वो आखिरी ओवर आज भी किसी बुरे सपने से कम नहीं है। शेन वॉटसन ने आईपीएल 2016 के आखिरी ओवर को याद करते हुए कहा कि उस आखिरी ओवर ने उनका दिल तोड़ने का काम किया है और आज भी वो उसे अपने करियर के सबसे दुखद पलों में शुमार करते हैं।

कोहली के लिये खिताब जीतने का वो इकलौता मौका था

कोहली के लिये खिताब जीतने का वो इकलौता मौका था

दिल्ली कैपिटल्स के पॉडकास्ट में बात करते हुए शेन वॉटसन ने कहा,'आरसीबी के साथ आईपीएल 2016 का फाइनल मैच मेरे करियर के सबसे दुखदाई पलों में से एक है क्योंकि मुझे पता है कि आरसीबी के लिये वो फाइनल जीतना कितना मायने रखता था। वह आरसीबी के होम ग्राउंड चिन्नास्वामी स्टेडियम पर खेला जा रहा था और आरसीबी ने पूरे सीजन शानदार प्रदर्शन किया था। विराट ने उस सीजन रनों की बरसात की थी और यह उनका इकलौता मौका था जिसमें वो अपनी कप्तानी में खिताब जीत सकते थे। हालांकि पारी के उस आखिरी ओवर की गेंदबाजी ने उस सपने को तोड़ दिया। यह बस खराब हो गया और मुझे लगा कि मेरे लिये सब खत्म हो गया है।'

2 साल बाद लिया हैदराबाद से बदला

2 साल बाद लिया हैदराबाद से बदला

जहां शेन वॉटसन के लिये 2016 का यह सीजन एक खराब मोड़ पर जाकर खत्म हुआ तो वहीं पर 2 साल बाद जब उन्होंने एक नई फ्रैंचाइजी के साथ शुरुआत की तो अपनी इस पारी का बदला ले लिया। वॉटसन ने चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते हुए उस सीजन 2 शतकीय पारियों के दम पर 555 रन बनाये और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ फाइनल में मैच जिताऊ पारी खेल डाली। वॉटसन ने हैदराबाद के खिलाफ धीमी शुरुआत की और पहली 11 गेंदों में कोई रन नहीं बनाया लेकिन जब पारी समाप्त हुई तो उनकी नाबाद 117 रनों की पारी के दम पर सीएसके ने 180 रनों का स्कोर खड़ा कर दिया।

सपने से कम नहीं था 2018 का सीजन

सपने से कम नहीं था 2018 का सीजन

उन्होंने कहा,'मैं बस यही सोच रहा था कि ये क्या हो रहा है, मैं क्या कर रहा हूं, मैं एक बार फिर से टीम के लिये खराब कर रहा था। इसके चलते मेरे दिमाग में चल रही आवाजें बढ़ गई। मैंने काफी धीमी शुरुआत की जिसके चलते फाफ पर भी दबाव आ गया। उसने रिस्क लिया जिसे लेने की उसे जरूरत नहीं थी। हालांकि वो उन एक दिनों में से था जिसके आप सपने देखते हो। मेरे जहन में 2016 फाइनल की बुरी यादें उस दिन भी ताजा थी और मैं चाहता था कि अपनी सारी ऊर्जा उस टीम के खिलाफ लगाऊं। कुछ समय बाद चीजें हमारे हिसाब से घटने लगी। मैं लगभग 37 का हो रहा ता और उसके बावजूद ऐसा सीजन होना और अपनी टीम को फाइनल जिताना किसी सपने से कम नहीं है।'

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