World Cup 2023: यूं ही नहीं अफगानिस्तान ने तीन वर्ल्ड चैंपियन टीम को हरा दिया, खास है पर्दे के पीछे की रणनीति
World Cup 2023: विश्वकप में इस बार जिस तरह से अफगानिस्तान की टीम खेल रही है उसने हर किसी को अपना मुरीद बना लिया है। पहली बार अफगानिस्तान की टीम ने वनडे विश्वकप में जीत दर्ज की है, जोकि टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
टीम ने इस विश्वकप में ना सिर्फ एक, दो बल्कि तीन मैचों में जीत दर्ज की है। खास बात यह है कि यह तीनों ही जीत विश्व चैंपियन के खिलाफ आई है। अफगानिस्तान की टीम ने पाकिस्तान, इंग्लैंड, श्रीलंका जैसी टीमों को मात दी है। इन तीनों ही टीमों ने एक-एक बार विश्वकप जीता है।

अफगानिस्तान टीम को मुख्य रूप से उसकी स्पिन गेंदबाजी के लिए जाना जाता है। टीम में राशिद खान, मुजीब उर रहमान, मोहम्मद नबी जैसे शानदार स्पिन गेंदबाज हैं। लेकिन इस विश्वकप में अफगानिस्तान के गेंदबाजों के साथ बल्लेबाजों ने अपना दम दिखाया है।
बल्लेबाजी भी हुई मजबूत
रहमतुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शहीदी, अजमतुल्लाह ओमरजई ने अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया है। टीम ने दो मैच अपनी बल्लेबाजी की बदौलत जीत दर्ज की है।
बल्लेबाजी की बदौलत जीत
पाकिस्तान और श्रीलंका के खिलाफ अफगानिस्तान ने अपनी बल्लेबाजी के दम पर जीत दर्ज की। पाकिस्तान के खिलाफ अफगानिस्तान की टीम ने 283 रन के लक्ष्य को आसानी से हासिल किया और 8 विकेट से जीत दर्ज की। कुछ इसी तरह से श्रीलंका के खिलाफ अफगानिस्तान की टीम ने 241 रनों के लक्ष्य को आसानी से हासिल किया और 7 विकेट से जीत दर्ज की है।
इंग्लैंड को दी मात
वहीं विश्वकप में अपनी पहली जीत अफगानिस्तान ने गत चैंपियन इंग्लैंड के खिलाफ दर्ज की थी। इस मैच में अफगानिस्तान ने 69 रन से जीत दर्ज की थी। मैच में अफगानिस्तान के बल्लेबाजों ने शानदार 284 रनों का स्कोर खड़ा किया और इंग्लैंड की पूरी टीम को 215 रन के स्कोर पर समेट दिया था।
रणनीति को जमीन पर उतार रहे
श्रीलंका के खिलाफ मैच में जब 242 रन के लक्ष्य का पीछा करने अफगानिस्तान के बल्लेबाज उतरे तो इसके लिए पूरी रणनीति को तैयार किया गया था। टीम की ओर से 10 ओवर में 50 रन, 20 ओवर में 100 रन, 30 ओवर में 150 रन, 40 ओवर में 200 रन और 48 ओवर में 242 रन का लक्ष्य रखा था।
हालांकि शुरुआती लक्ष्य को अफगानिस्तान की टीम हासिल नहीं कर सकी। लेकिन टीम के बल्लेबाजों ने धैर्य बनाए रखा और धीरे-धीरे टीम को लक्ष्य की ओर सधी बल्लेबाजी की बदौलत आगे बढ़ाया और मैच को 45.2 ओवर में जीत लिया।
जबरदस्त कोचिंग स्टाफ
अफगानिस्तान टीम पूरी तरह से अलग नजर आ रही है इसके पीछे की बड़ी वजह है कि टीम का कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों को काफी बेहतर तरीके से ट्रेन कर रहा है। टीम के साथ पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा बतौर मेंटोर जुड़े हैं। वहीं टीम के कोच जोनाथन ट्रोट टीम के भीतर नई ऊर्जा भरने में सफल रहे हैं।
जोनाथन ट्रोट की भूमिका
जोनाथन ट्रोट की बात करें तो वह इंग्लैंड की ओर से काफी लंबे समय तक खेल चुके हैं। ट्रोट ने 52 टेस्ट मैच में 44.08 के औसत से 3835 रन बनाए हैं, जिसमे 9 शतक, 19 अर्धशतक शामिल हैं। 68 वनडे में 51.25 के औसत से 2819 रन बनाए हैं, जिसमे 4 शतक र 22 अर्धशतक शामिल हैं। ट्रोट की बदौलत अफगानिस्तान की टीम की बल्लेबाजी काफी बेहतर हुई है। रिपोर्ट की मानें तो ट्रोट ने क्रिकेट से संन्यास डिप्रेशन की वजह से लिया था।
अजय जडेजा की मेंटरशिप
अफगानिस्तान के मेंटर अजय जडेजा की बात करें तो वह किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। वह टीम इंडिया का बड़ा चेहरा थे। अफगानिस्तान के शानदार प्रदर्शन पर सचिन तेंदुलकर ने अजय जडेजा की भी तारीफ की थी।
सचिन ने कहा कि जिस अनुशासन से अफगानिस्तान के बल्लेबाज बल्लेबाजी कर रहे हैं, विकेटों के बीच रन ले रहे हैं, उसके पीछे कठिन परिश्रम है, शायद यह सब अजय जडेजा के प्रभाव के चलते हो सका है।












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