शारजाह की Desert Storm पारी के 25 साल पूरे होने पर सचिन तेंदुलकर को याद आई पिता की बात, फैंस के साथ काटा केक
सचिन तेंदुलकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शारजाह में ऐतिहासिक पारी के 25 साल पूरे होने पर आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अपने 50वें जन्मदिन से पहले 'डेजर्ट स्टॉर्म' पारी के 25 साल पूरे होने केक काटा।

Sachin Tendulkar: क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, जब 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शारजाह में ऐतिहासिक पारी के 25 साल पूरे होने पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे तो उन्होंने कुछ पुरानी यादों का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने अपने 50वें जन्मदिन से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शारजाह में अपनी ऐतिहासिक 'डेजर्ट स्टॉर्म' पारी के 25 साल पूरे होने पर केक भी काटा।
जब सचिन तेंदुलकर के पिता ने जाहिर की अपनी इच्छा
सचिन तेंदुलकर ने बताया कि, 'जब मैंने भारत के लिए खेलना शुरू किया तब मेरे पापा ने मुझसे पूछा था कि तुमने अपना लक्ष्य प्राप्त कर लिया, अब इससे आगे क्या?.... तब उन्होंने मुझे कहा कि मैं चाहता हूं कि तुम जिन्दगी में एक अच्छे इंसान बनो। ये ऐसी चीज है जो अंतिम सांस तक तुम्हारे साथ रहेगी और लोग तुम्हें क्रिकेट करियर के बाद भी प्यार करेंगे।
सचिन को पसंद था नेट्स में तेज गेंदबाजी करना
इस मौके पर पूर्व भारतीय बल्लेबाज मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने याद किया कि कैसे वह हमेशा नेट्स में तेज गेंदबाजी करना पसंद करते थे। शारजाह में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तूफानी पारी की 25वीं वर्षगांठ पर प्रशंसकों के साथ खुलकर बातचीत की।
सचिन के जीवन में बेहद खास है आज का दिन
दरअसल, सचिन तेंदुलकर के जीवन में आज के दिन का एक खास महत्व है। उन्होंने 25 साल पहले 1998 में शाहजाह के मैदान पर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 131 गेंदों में 143 रनों की आतिशी पारी खेली थी। इस मैच में सचिन की तुफानी बल्लेबाजी ने ऑस्ट्रेलिया के गेंजबादों के पसीने छुड़ा दिए थे। उन्होंने इस ऐतिहासिक पारी में नौ चौके और पांच छक्के जड़े थे।
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इस मुकाबले में टीम इंडिया को 285 रनों का टारगेट मिला था, लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की बल्लेबाजी के दौरान शारजाह में एक भयंकर रेतीले तूफान ने भी दस्तक दी थी, जिसके कारण कुछ समय के लिए मैच को रोकना पड़ गया था। लेकिन जब सचिन तेंदुलकर क्रीज पर बल्लेबाजी करने पहुंचे तो उनके बल्ले की गति को देखकर तूफान भी शर्मिंदा हो गया, इसके बाद से सचिन की पारी को डेजर्ट स्टॉर्म के नाम से जाना जाता है। हालांकि, टीम इंडिया इस मुकाबले को अपने नाम नहीं कर सकी थी।
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